Home > विदेश > वैक्सीन से सिकुड़ रहे पुरुषों के प्राइवेट पार्ट, इस अफवाह ने ले ली 17 लोगों की जान; आखिर कैसे फैली फेक न्यूज

वैक्सीन से सिकुड़ रहे पुरुषों के प्राइवेट पार्ट, इस अफवाह ने ले ली 17 लोगों की जान; आखिर कैसे फैली फेक न्यूज

Congo News: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो की एक घटना आपको अंदर से झकझोर कर रख देगी और आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि आखिर एक फेक न्यूज कैसे लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है? आइए पूरा मामला समझते हैं.

By: Sohail Rahman | Published: May 11, 2026 9:44:10 AM IST



Viral News: फेक न्यूज किसी भी देश या समाज के लिए कितना खतरनाक हो सकता है? इसका अंदाजा आपको डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो की इस दुखद घटना से समझ में आ जाएगा. दरअसल, पूरा मामला यह है कि इस देश में एक अफवाह फैली कि वैक्सीन की वजह से पुरुषों के प्राइवेट पार्ट छोटे होकर गायब हो जा रहे हैं. इस अफवाह की वजह से सर्वे करने आए स्वास्थ्य कर्मी की भीड़ ने जान ले ली. बताया जा रहा है कि कांगो के शोपो प्रांत में फैली अफवाह की वजह से अब तक 17 लोगों की जान जाने की खबर सामने आ रही है.

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि लोगों ने स्वास्थ्य कर्मी को भी नहीं छोड़ा जो घर-घर जाकर सर्वे कर रहे थे. स्थानीय लोगों का मानना है कि वैक्सीन की वजह से उनके प्राइवेट पार्ट सिकुड़ जाएंगे.

कैसे फैली ये अफवाह?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा का यह सिलसिला पिछले साल अक्टूबर से शुरू हुआ. उस समय सोशल मीडिया पर अचानक एक वीडियो और मैसेज को काफी तेजी से शेयर किया गया. जिसमें दावा किया जा रहा था कि एक रहस्यमयी बीमारी पुरुषों को नपुंसक बना रही है. जब तक सरकार और स्वास्थ्य संगठन इस अफ़वाह पर काबू पाते तब तक डर हिंसा में बदल चुका था. रॉयटर्स की पड़ताल के अनुसार इस इन्फोडेमिक की वजह से कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई.

यह भी पढ़ें – मौत सिर पर मंडरा रही थी! फिर भी बच्चों को बचाने में जुटी रही टीचर, रुला देगा वायरल वीडियो

चर्च के पादरी ने फैलाई अफवाह

इस पूरी घटना की जड़ें सोशल मीडिया और स्थानीय धार्मिक संस्थानों में गहरी जमी हुई पाई गईं. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया कि दर्जनों ऐसे वीडियो मिले, जिनमें अलग-अलग पादरी इस अफवाह को हवा देते नजर आ रहे थे. प्रांतीय राजधानी किसंगानी में स्थित पेंटेकोस्टल चर्च लाइट ऑफ़ द वर्ल्ड के एक वीडियो में एक टैक्सी ड्राइवर यह दावा करता दिख रहा है कि पादरी जूल्स मुलिंदवा ने प्रार्थना के माध्यम से उसकी बीमारी ठीक कर दी. पादरी के इस वीडियो को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और टिकटॉक पर लाखों बार देखा गया. जिससे इस अफवाह पर लोगों का भरोसा और भी पक्का हो गया.

यह भी पढ़ें – परीक्षा में फेल हुई छात्रा, फिर Rapido वाले से की ऐसी रिक्वेस्ट कि हर कोई रह गया दंग, वीडियो वायरल

पादरी को मिल चुकी है सजा

जानकारी सामने आ रही है कि इस पादरी को पहले भी कोविड-19 के इलाज के बारे में झूठे दावे करने के लिए सजा मिल चुकी है. इसके अलावा, एक और पादरी ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने चमत्कारी इलाज देने का दावा किया. ये वीडियो महीनों तक सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर घूमते रहे और लोग इससे गुमराह होते रहे. अब अधिकारियों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है और अपवाह फैलाने के आरोप में लगभग एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है और एक व्यक्ति को जेल भेजा है.

Tags:
Advertisement