वेलिंगटन: न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे दो मस्जिदों में अंधाधुंध फायरिंग हुई जिसमें 40 लोग बेमौत मारे गए. इस हमले को अंजाम देने वाले ऑस्ट्रेलियाई मूल के हमलावर ब्रेंटन टैरंट ने इन दो मस्जिदों पर हमला करने से पहले 74 पेज का एक मेनिफेस्टो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था. जिसमें वो हमले की कई वजह बताता है जिसमें से एक है एब्बा एकरलैंड की मौत.

दरअसल एब्बा एकरलैंड 12 साल की छोटी बच्ची थी जो स्टॉकहोम में अप्रैल 2017 में हुए आतंकी हमले में मारी गई थी. इस हमले में पांच लोगों की जान गई थी जिसमें एब्बा भी शामिल थी. हमलावर ने बीयर लॉरी का हाईजैक किया और डिपार्टमेंटल स्टोर में उसे घुसा दिया. उज्बेकिस्तान मूल के आंतकी रख्मत ने हमले से पहले अपने फेसबुक पर लिखा था कि ISIS के खिलाफ खड़े होने वाले स्वीडन को वो सजा देना चाहता है.

जिस वक्त रख्तम ने बीयर लॉरी स्टोर में घुसाई उस वक्त एब्बा कुछ सामान खरीदने के लिए डिपार्टमेंटल स्टोर की तरफ निकली थी. घटना के बाद एब्बा को मिसिंग घोषित कर दिया गया लेकिन बाद में पुलिस ने एब्बा को मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि पैदल घर वापस आने के दौरान वो आतंकी हमले का शिकार हुई. क्राइस्टचर्च की मस्जिद में हमला करने वाले हमलावर ने हमले से पहले 74 पन्नों का लेख लिखा जिसमें उसने हमले की 11 वजह बताईं जिनमें से एक वजह एब्बा की मौत भी है. उसने लिखा है कि ‘मैं ये हमला एब्बा एकरलंद की जान का बदला लेने के लिए कर रहा हूं’

NZ Christchurch Firing Shooting Brenton Tarrant: कौन है ब्रैंटन टैैरेंट जिसने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की मस्जिद में अंधाधुंध फायरिंग कर 49 की जान ली

New Zealand Mosque Shooting Social Media Reactions: न्यूजीलैंड में मस्जिद पर अंधाधुंध गोलीबारी, 27 की मौत, बंग्लादेशी क्रिकेट टीम के कप्तान बोले- भयावह अनुभव, दुआ में याद रखें

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App