China’s Jet incrusion in Taiwan:

नई दिल्ली, China’s Jet incrusion in Taiwan: सैन्य ताकत के बल पर ताइवन को हथियाने का सपना संजोये चीन अपनी हरकतों से बाज नही आ रहा है, सोमवार को चीनी वायुसेना के कई फाइटर जेट्स ने ताइवान सीमा में जबरदस्ती घुसपैठ की, चीन की ओर से अचानक हुई इस घुसपैठ से ताइवान के डिफेंस सिस्टम तुरंत एक्टिव हो गए और सीमा पर तैनात सैन्य अधिकारी भी सक्रिय हो गये.

ताइवानी राष्ट्रपति ने चेताया

चीन की ओर से बार बार हो रही घुसपैठ पर ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने कहा कि चीन हमें कमजोर समझने की भूल न करे, हम देश के खिलाफ किसी भी चीनी हमले का मजबूत जवाब देंगे. नए साल पर राष्ट्र के नाम दिए अपने संदेश में उन्होनें कहा कि हम एक लोकतांत्रिक और स्वतंत्र ताइवान को साम्यवादी चीन के आगे कभी झुकने नही देंगे. अपने संदेश में उन्होनें शांति की अपील भी की और कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का हल कभी नही हो सकता है.

वन चाइना पालिसी में विश्वास करता है चीन

चीनी सरकार ने ताइवान को कभी भी एक देश के रूप में मान्यता नही दी है वह वन चाइना पालिसी में यकीन करता है, जिसका मतलब चीन एक देश है और ताइवान चीन का ही एक प्रांत है चीन अपनी इसी पालिसी की वजह से ताइवान पर कूटनीतिक और सैन्य दबाव बनाता है. कूटनीति के तौर पर वह ताइवान से किसी देश द्वारा किसी भी प्रकार का राजनियक संबंध बनाने पर उस देश से अपने रिश्ते तोड़ लेता है, वही सैन्य दबाव के रूप में वह अपनी एयर और नेवल फोर्सेस का भी इस्तेमाल करता है.

बता दे कि चीन की इस वन चाइना पालिसी का समर्थन भारत, अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन समेत विश्व के ज्यादातर देश करते है, लेकिन हालिया वर्षों में चीन की बढ़ती आक्रमकता को देखते हुए पश्चिमी शक्तियो और अमेरिका के रूख में कुछ बदलाव आ रहा है, यही वजह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन को धमकी देते हुए कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करेगा तो वह अंजाम भुगतेगा.

 

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