येरुशलम: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने सोमवार को नई सरकार बनाने की सारी कोशिशों पर रोक लगा दी है जिससे सेंट्रिस्ट पार्टी के बैनी गैंत्ज के लिए इजराइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू को हटाकर खुद प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएं बढ़ गई है. राइट विंग की लिकुड पार्टी के नेता नेतनयाहू ने कहा कि वो सितंबर में हुए चुनाव के बाद सरकार बनाने में असमर्थ हैं और वो इजराइल के राष्ट्रपति रियुविन रिवलिन को वापस सत्ता सौंपने जा रहे हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रपति रिवलिन ने कहा है कि गेंत्ज को नई सरकार बनाने का मौका देने जा रहे हैं.

सोमवार को ही 70 साल के हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ‘पिछले हफ्ते मैंने गेंत्ज को बातचीत की टेबल पर लाने की पूरी कोशिश की, आपसी समझौते से एक राष्ट्रीय सरकार बनाने की मैने पूरी कोशिश की, मैने पूरी कोशिश की कि देश में दोबारा चुनाव ना हों.’ हालांकि गेंत्ज के पास भी सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत नहीं है इसलिए इजराइल दोबारा चुनाव की तरफ बढ़ रहा है. गौरतलब है कि अप्रैल से लेकर अबतक इजराइल में तीन बार चुनाव हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई किसी पार्टी को कोई बहुमत नहीं आया है.

दूसरी तरफ गेत्ज की ब्लू एंड व्हाइट पार्टी ने बयान जारी कर कहा है कि वो लिबरल यूनिटी सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. बेंजामिन नेतन्याहू पिछले 13 सालों से इजराइल के प्रधानमंत्री हैं. पिछले दिनों उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे जिन्हें उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था. वहीं गेंत्ज पूर्व सेना प्रमुख रह चुके हैं जिन्होंने कसम खाई है कि वो दागी सरकार के नीचे रहकर काम नहीं करेंगे. सितंबर में हुए चुनाव में लिकूड दूसरे नंबर पर रहे थे. उन्हें 120 सांसदों वाली इजराइल की संसद में 32 सीटें मिली थी जबकि ब्लू एंड व्हाइट को 33 सीटें मिली थी.

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