नई दिल्ली. अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का जवाब देने लिए चीन भी पूरी तरह तैयार दिखाई पड़ रहा है. दरअसल अमेरिका ने 23 अगस्त से चीन के कुल 16 अरब डॉलर के उत्पादों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया है. ऐसे में चीन ने जवाब देते हुए कहा है कि अब वह भी अमेरिका के कुल 200 अरब डॉलर के सामान पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगा सकता है. बता दें कि इस ट्रेड वार के चलते दोनों ही देशों की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगेगा.

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि अमेरिका ने जो किया वह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के खिलाफ है. अमेरिका के टैरिफ लगाए जाने से चीमन चीन के हितों का नुकसान हुआ है. बयान में कहा गया कि इसके लिए वह अमेरिका के खिलाफ डब्ल्यूटीओ के विवाद समाधान तंत्र के तहत मुकदमा दायर करेगा. मंत्रालय ने कहा कि हमें अपने न्यायपूर्ण हितों और कारोबार तंत्र की रक्षा के लिए मजबूरी में ये जवाबी कदम उठाना पड़ रहा है.

गौरतलब है कि अमेरिका ने जुलाई में भी 34 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया था. जिसके बाद चीन की ओर से आरोप लगाया गया था कि अमेरिका उसपर दबाव डाल रहा है इसलिए चीन भी उसके सामान पर इतना ही टैरिफ लगाएगा. बता दें कि दोनों देशों के बीच हर वर्ष कुल 650 अरब डॉलर के उत्पादों और सेवा का कारोबार होता है. किसी भी दो देशों के बीच ये विश्व का सबसे बड़ा ट्रेड रिलेशनशिप है. अमेरिकी उद्योग ने दोनों देशों के बीच हो रहे इस ट्रेड वॉर की आलोचना करते हुए कहा कि इससे अमेरिका में कारोबार करने की लागत और बेरोजगारी बढ़ेगी.

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