कराची. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने एक चौंकाने वाए बयान में कहा है कि अगर पाक में हिंदुओं पर ज़ुल्म होता है और जुल्म करने वाले लोग मुसलमान हैं तो वो हिंदुओं के साथ खड़े होंगे. कराची में बुधवार को दीपावली के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिंदुओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए शरीफ ने यह बात कही. 
 
बीबीसी कि एक रिपोर्ट के मुताबिक शरीफ ने कहा कि ये उनकी ज़िम्मेदारी है कि अगर कोई ज़ुल्म का शिकार है तो उसका संबंध चाहे किसी भी धर्म या संप्रदाय से हो उसकी मदद की जाए. उनका कहना था, ”हिंदू के ख़िलाफ़ ज़ुल्म होता है और ज़ुल्म करने वाला मुसलमान है, तो मैं मुसलमान के ख़िलाफ़ एक्शन लूंगा, जो ज़ुल्म करता है उसके ख़िलाफ़ आपके साथ मिलकर खड़ा रहूंगा. मेरा मज़हब मुझे यही सिखाता है और सिर्फ़ इस्लाम ही नहीं हर मज़हब यही सिखाता है कि ज़ालिम का नहीं, मज़लूम का साथ दो.”
 
नवाज़ शरीफ़ ने आगे कहा, ”हम एक क़ौम और मुल्क हैं. जितना हो सके आपस में एकता पैदा करें. एक दूसरे की मदद करें. मुसलमान हिंदुओं से ख़ुशियां बांटे, हिंदू मुसलमानों और सिखों से, रब भी इसी में राज़ी है. रब इसमें राज़ी नहीं कि हम एक दूसरे में फ़र्क़ करें.” पाकिस्तान में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने हिंदुओं के त्यौहार में शिरकत की है और उन्होंने इस ख़्वाहिश का भी इज़हार किया कि उन्हें रंगों के त्यौहार होली में शामिल होने की दावत दी जाए. उन्होंने वहां मौजूद अपने हिंदू दोस्तों से कहा कि अगले साल से उन्हें उस जगह बुलाएं जहां असल में त्यौहार मनाया जाता है.
 
नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि अगर होली के मौक़े पर हिंदू भाई उनपर रंग फेंकेगें तो उन्हें बहुत ख़ुशी होगी. इस अवसर पर नवाज़ शरीफ़ ने भगत कंवर राम मेडिकल कॉमप्लेक्स और बाबा गुरू नानक गुरूद्वारा बनाने की भी घोषणा की और कहा कि इसका शिलान्यास वो ख़ुद करेंगे. पीपीपी के नेता बिलावल भुट्टो और तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के नेता इमरान ख़ान ने भी अलग-अलग इलाक़ों में हिंदुओं के साथ दीपावली मनाई. पाकिस्तान में ये पहला मौक़ा है जब प्रमुख पार्टियों के अध्यक्ष अल्पसंख्यक हिंदुओं के धार्मिक त्यौहारों में शामिल हुए हों.

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