नई दिल्ली. गुरदासपुर आतंकी हमले को लेकर अमेरिका ने पाकिस्तान को झिड़क दिया है. पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ़ की अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिकी एजेंसियों ने गुरुदासपुर में आतंकियों से बरामद जीपीएस सिस्टम का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी हरकतों की वजह से भारत पाकिस्तानी जमीन पर आतंकी कैंप पर हमले के लिए मजबूर हो सकता है जिसका नतीजा दोनों देश के बीच जंग के तौर पर निकलेगा.
 
सूत्रों का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ की यात्रा के दौरान अमेरिका ने जब गुरुदासपुर हमले में पाकिस्तानी हाथ की बात की तो पाकिस्तानी अधिकारियों ने इससे इनकार कर दिया. फिर अमेरिका ने जीपीएस डाटा दिखाया और कहा कि ये तकनीकी डाटा हैं जिसे पाकिस्तान झुठला नहीं सकता. इसके बाद पाकिस्तान ने सुर बदले और कहा कि इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं है.
 
गुरुदासपुर हमले में पाकिस्तानी आतंकियों से बरामद जीपीएस की जांच से पता चला था कि उसे हमले से 6 दिन पहले पाकिस्तान के सबसे बड़े एयरबेस सरगोधा में चालू किया गया था. और इसी जीपीएस के सहारे आतंकी सीमा पार करके पंजाब में घुसे थे.
 
इसी साल 27 जुलाई को गुरुदासपुर में तीन आतंकियों ने एक पैसेंजर बस और थाने पर हमला किया था जिसमें एक एसपी समेत 7 लोग मारे गए थे. 12 घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद ये तीनों आतंकी मारे गए थे.
 
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तालन सेना प्रमुख राहिल शरीफ की अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिका लश्क र-ए-तय्यबा और दूसरे आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर सीधी बात करेगा. मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लश्कतर-ए-तय्यबा को आतंकी गुट घोषित किया था और संयुक्त राष्ट्र के हर सदस्य देश को ऐसे संगठनों पर कार्रवाई करना होता है.
 

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