हंगरी. सर्बिया के साथ लगती हंगरी की दक्षिणी सीमा के निकट सैकड़ों गुस्साए और परेशान शरणार्थी पुलिस की घेराबंदी तोड़कर उत्तर में बुडापेस्ट की ओर आगे बढ़ गए. इस बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने संकट को कम करने के लिए हजारों और शरणार्थियों को शरण देने का संकल्प लिया.
 
पश्चिम एशिया, अफ्रीका और एशिया के 3,40,000 से अधिक शरणार्थियों की जिम्मेदारी बांटने को लेकर यूरोपीय नेता बातचीत कर रहे हैं. ऐसे में जर्मनी ने उन्हें अरबों यूरो की अतिरिक्त मदद करने का वादा किया है. इस बीच फ्रांस ने इस बात पर विचार किया कि क्या इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के खिलाफ हवाई हमले बढ़ाने से सीरिया से आ रहे शरणार्थियों के संकट को काबू में करने में मदद मिलेगी.
 
सर्बिया के साथ लगती दक्षिणी सीमा पर शरणार्थियों को रोकने में हंगरी की असमर्थता कल उस समय दिखाई दी जब सीमावर्ती गांव रोसज्की के निकट हंगरी के प्रवासी केंद्र में बसों का इंतजार करते-करते थक चुकी शरणार्थियों की भीड़ पुलिस अवरोधक को तोड़कर आगे बढ़ गई. भीड़ सर्बिया और हंगरी को जोड़ने वाले एम5 राजमार्ग पर पहुंच गई. शरणार्थी ‘जर्मनी, जर्मनी’ के नारे लगाते हुए उत्तर की ओर आगे बढ़ गए. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोई कोशिश नहीं की.

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