वाशिंगटन: अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को बड़ा झटका लगा है. खबर है कि चीन ने सीआईए के 20 जासूस को या तो मार डाला है या फिर उन्हें बंधक बना रखा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के में दावा किया गया है कि चीन ने साल 2010-2012 में के बीच सीआईए के 18-20 खुफिया सूत्रों की कोई जानकारी नहीं है.
 
रिपोर्ट में अमेरिका के 10 मौजूदा और पूर्व अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि पिछले एक दशक में सीआईए के खुफिया नेटवर्क में लगी यह अब तक की सबसे बड़ी सेंध है. रिपोर्ट ने कहा गया है कि इस सेंध को लेकर जांचकर्ता अब भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इन सीआईए में ही कोई ऐसा है जो जासूसों को धोखा देते हुए जानकारी लीक कर दी है.
 
 
जबकि कुछ लोगों का कहना है कि चीन ने सीआईए की गुप्त सूचना प्रणाली को ही हैक कर लिया होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने साल 2010-2012 के बीच में सीआईए को जासूसों में से कम से कम एक दर्ज लोगों को मारकर अमेरिका का सबसे मजूत नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है. अधिकारियों ने बताया है कि मारे गए जासूसों में से एक को चीन की एक सरकारी इमारत के सामने ही गोली मार दी गई.ॉ
 
इन देशों में नेटवर्क कायम करना बड़ी चुनौती
अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना को सोवियत रूस में हुई एक बड़ी घटना के बराबर मान रहे हैं. आपको बता दें कि चीन और रूस ऐसे देश हैं जहां खुफिया नेटवर्क खड़ा करना बड़ी चुनौती मानी जाती है. क्योंकि ये दोनों देशों का खुद का भी नेटवर्क बहुत तगड़ा है ऐसे में सीआईए को नए सिरे से काफी मेहनत करनी पड़ेगी.

 

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