वाशिंगटन. अमेरिका में दक्षिण कैरोलिना राज्य के चार्ल्सटन शहर स्थित एक ऐतिहासिक ब्लैक में हुई फायरिंग में नौ लोगों के मारे जाने की खबर है. पुलिस अभी तक हमलावर को नहीं पकड़ पाई है. यह साउथ कैरोलिना राज्य में सबसे पुराना अफ्रीकन मेथोडिस्ट एपिस्कॉपल चर्च है. पुलिस का कहना है कि यह नस्लीय हमला हो सकता है. चार्ल्सटन के पुलिस प्रमुख ग्रेग मूले ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह नस्लीय हिंसा है.’

पुलिस के अनुसार, हमलावर की उम्र 20 से 30 साल के बीच है. उसकी हजामत बनी हुई थी और उसने भूरे रंग की टी-शर्ट, नीले रंग की जींस व जूते पहन रखे थे. गोलीबारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पादरी थॉमस डिक्सन ने कहा, ‘यह बहुत बुरा है. हमलावर चर्च में घुसा और उसने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी.’

प्रार्थना के दौरान हमलावर ने बरसाई गोलियां

‘वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, चार्ल्सटन के मेयर जोसेफ रीले ने हमले को त्रासदी बताया. उन्होंने कहा, ‘यह बेहद दुखद त्रासदी है. लोग एक-दूसरे के साथ एकत्र होकर ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे. इसी बीच एक नृशंस व्यक्ति वहां आता है, लोगों पर गोलियां चला देता है. यकायक यकीन नहीं होता. कोई ऐसा कैसे कर सकता है? यह बेहद क्रूर है. इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.’

चार्ल्सटन के पुलिस विभाग ने फिलहाल पीड़ितों की पहचान नहीं की है. पुलिस का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. इमानुएल अफ्रीकन मेथोडिस्ट एपिस्कॉपल चर्च की स्थापना 1816 में की गई थी. इस चर्च की स्थापना कब्रिस्तान को लेकर विवाद के बाद चार्ल्सटन के मेथोडिस्ट एपिस्कॉपल चर्च के अफ्रीकन-अमेरिकन सदस्यों ने की थी. चर्च के बेसमेंट में हर बुधवार की शाम पवित्र ग्रंथ बाइबिल पढ़ा जाता है. 

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