नई दिल्ली.  भारत को एनएसजी (न्युक्लियर सप्लायर ग्रुप) की सदस्यता पर चीन का साथ मिलने की उम्मीद है लेकिन आतंकी मसूद अजहर पर बैन लगाने को वह तैयार नहीं है.
 
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आपको बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए 15-16 अक्टूबर को गोवा आएंगे. उनकी भारत यात्रा से पहले चीन के उप-विदेश मंत्री ली बोदोंग ने कहा कि भारत को 48 देशों वाले न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप में शामिल करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत जारी हैं.  
बोदोंगे ने कहा कि इस मामले में भारत को एनएसजी ग्रुप में शामिल दूसरे देशों से भी बात करनी चाहिए क्योंकि भारत की एनएसजी सदस्यता पर कोई भी फैसला चीन अकेले नहीं ले सकता है. 
 
वहीं भारत की तरफ से मसूद अजहर पर बैन लगाने के प्रस्ताव के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ हैं पर किसी अन्य देश को आतंकवाद के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का मौका नहीं देगा.
 
चीन के इस रुख के पीछे माना जा रहा है कि वह भारत को आतंकवाद से पीड़ित मानने के लिए तैयार नहीं और एनएसजी के मुद्दे पर सौदेबाजी पर उतारू है. 
 
अब देखने वाली बात यह होगी कि चीन के उप विदेश मंत्री की ओर से दिए गए इस तरह के बयान पर भारत की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है. गौरतलब है कि इससे पहले भी चीन भारत को एनएसजी ग्रुप में शामिल करने पर अड़ंगेबाजी कर चुका है.