वाशिंगटन: दुनिया की दो बड़ी सैन्य महाशक्तियों रुस और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. सीरिया में सीजफायर और संयुक्त सैन्य इकाई गठित करने को लेकर दोनों देशों के बीच वार्ता होने वाली थी. अमेरिका ने वार्ता से इंकार कर दिया है. यह वार्ता सीरिया में विफल संघर्ष विराम को बहाल करने और जिहादियों को निशाना बनाने के लिए संयुक्त सैन्य इकाई गठित करने को लेकर होने वाली थी.
 
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 अमेरिका ने कहा है यह ऐसा फैसला नहीं है जो आसानी से लिया गया है. अमेरिका ने रुस पर नागरिक क्षेत्रों पर हमला बढ़ाने का आरोप लगाया है. अमेरिका ने रुस पर यह भी आरोप लगाया कि वह सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के सरकारी बलों पर काबू पाने पर भी विफल रहा है.
 

पिछले दिनों दोनो देशों में सीजफायर समझौता भी हुआ था. यह समझौता हो जाने के बाद भी रुस ने सीरिया के अलेप्पो शहर में लगातार बमबारी की है जिससे काफी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं. अमेरिका और रुस में लम्बे समय से इसे लेकर तनातनी चल रही है. अमेरिका चाहता है रुस वहां हवाई हमले न करे लेकिन रुस अमेरिका की बात नहीं मान रहा है.
 
रुस ने भी प्लुटोनियम समझौता रद्द किया
अमेरिका और रुस शीतयुद्ध काल से ही एक दूसरे के प्रतिद्दंदी रहे हैं अमेरिका के वार्ता स्थगित करने के बाद दोनो देशों के संबंधों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है. रुस ने कहा है अमेरिका उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा है. जवाब में रुस ने भी प्लुटोनियम समझौता निलंबित कर दिया है.