लंदन. जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलूचिस्तान की चर्चा की है, जब से बलूचिस्तान के लोगों में खासा उत्साह देखा गया है. मोदी के मुंह से बलूचिस्तान शब्द के निकलने के बाद वहां के हर हाल में खुद को पाकिस्तान से अलग करना चाहते हैं.
 
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इसी कड़ी में सोमवार को ब्रिटेन में चीनी दूतावास के सामने बलूच कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और कहा कि वे चीन-पाकिस्तान के बीच बन रहे आर्थिक गलियारे को नहीं मानेंगे. कार्यकर्ताओं का कहना है कि बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच हुई इस संधि का एकमात्र उद्देश्य संसाधन संपन्न बलूचिस्तान को लूटना है.
 
बलूच कार्यकर्ताओं ने आगे कहा, ‘बलूचिस्तान को अपना हिस्सा समझने की गलती न करे. बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है. हमारे संसाधनों को लूटा जा रहा है. यहां तक की प्रशासन ने राज्य में बड़ी संख्या में फौज को भी तैनात कर दिया है. चीन-पाकिस्तान के बीच हो रहा आर्थिक गलियारे का समझौता पूरी तरह से गैरकानूनी है.’