नई दिल्ली. आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान अलग-थलग पड़ता जा रहा है. भारत के साथ साथ भूटान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान में होने वाले 19वें सार्क सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय की औपचारिक घोषणा के बाद बांग्लादेश ने भी स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र का माहौल बातचीत को जारी रखने के लिए सहायक नहीं है. इस मामले में बांग्लादेश ने सार्क अध्यक्ष नेपाल को पत्र लिखा है और अपनी चिंताएं जाहिर की हैं.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
बांग्लादेश ने नेपाल को लिखे पत्र में कहा है कि बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के बढ़ते हस्तक्षेप ने ऐसा माहौल तैयार कर दिया है जो 19वें सार्क सम्मेलन के आयोजन के लिए अनुकूल नहीं है. इससे पहले 27 सितंबर को अफगानिस्तान ने भी सार्क अध्यक्ष देश नेपाल को पत्र लिखकर कहा है कि हिंसा और आपसी लड़ाई के बढ़े स्तर से अफगानिस्तान आतंक का शिकार बना हुआ है. इसलिए वो सार्क समिट में हिस्सा नहीं लेगा.
 
 
हालांकि इन देशों के साथ-साथ नेपाल भी आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ है. सूत्रों से हवाले से खबरें आ रही है कि नेपाल खुद भारत के समर्थन में इस बैठक से वॉक आउट कर सकता है. अब भारत, अफगानिस्तान, भूटान और बांग्लादेश के बहिष्कार के बाद समिट का स्थगित होना तय माना जा रहा है. क्योंकि नए नियमों के अनुसार समिट तभी हो सकेगी जब इसके सभी सदस्य राष्ट्र इसमें शामिल हों.
 
बता दें कि पाकिस्तान को झटका देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह इस्लामाबाद में होने वाले दक्षेस शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे. इसके बाद इस आठ सदस्यीय समूह के तीन और देशों ने भी सम्मेलन से अलग रहने का निर्णय लिया. वहीं पाकिस्तान ने सार्क सम्मेलन में भाग नहीं लेने के भारत के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.