नई दिल्ली. पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी का आंदोलन चला रहे नेता मेहारन मारी ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलोच लोगों पर हुए अत्याचार का मुद्दा उठाया है, तभी से पाकिस्तान डरा हुआ है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHRC) में बचोल प्रतिनिधि मारी ने  पीएम मोदी के बलूचिस्तान के बारे में बोलने से पाक फौज और सरकार बौखलाई हुई है. अभी हालिया दिनों में कई बलोच इलाकों में पाकिस्तान की फौज ने अपना ऑपरेशन तेज कर दिया है.
 
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मारी ने कहा कि बलूच लोगों की समस्याओं का मुद्दा उठाने के लिए हम भारत के बहुत शुक्रगुजार हैं. खासकर पीएम मोदी ने 15 अगस्त को और दो दिन पहले UNHRC में भारत ने जिस तरह बलूचिस्तान का मुद्दा को उठाया, उससे हम बहुत आशावादी हैं. 
 
 
मारी ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिस बलूचिस्तान में पाकिस्तान की तरफ से मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दा उठाया है बलोच लोगों को दिख रहा है कि भारत इस मामले पर काफी गंभीर है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका भी अच्छे से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी एजेंसियों और फौज की करतूतों से वाकिफ है. 
 
 
UN में भारत के स्थाई प्रतिनिधि अजीत कुमार ने कहा कि बेहतर होगा कि पाकिस्तान अपनी ऊर्जा मानवाधिकार के हालात सुधारने में खर्च करे. पाकिस्तान की पहचान लोकतांत्रिक मूल्यों की कमी और बलूचिस्तान समेत पूरे देश में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों से होती है. उन्होंने यह साफ कर दिया कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा हैं . उन्होंने कहा कि सिर्फ पाकिस्तान की ओर से गैरकानूनी ढंग से कब्जा किए गए PoK हिस्से को खाली कराना बाकी है.
 
 
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में बलूचिस्तान और PoK के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर सुनाया. पीएम ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों में गिलगित-बाल्टिस्तान और PoK वाले कश्मीर के लोगों ने मेरे प्रति डो सद्भावना जताई है उसके लिए मैं विशेष रूप से उनका अभिनंदन करना चाहता हूं. उन्होंने आगे कहा कि उस जमीन को मैंने कभी देखा नहीं है, लेकिन वहां के लोग मेरा जो आदर करते हैं तो यह मेरे देश का सम्मान है.