नई दिल्ली. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की सेक्स गुलाम रहीं इराकी महिला नादिया मुराद को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की गुडविल एंबेसेडर बनाया गया है. नादिया तीन महीने तक आईएस की सेक्स गुलाम रही थीं. साल 2014 में आईएस ने उनके परिवार को मारकर उन्हें सेक्स गुलाम बना लिया था. 
 
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नादिया को अपनी गुडविल एंबेसेडर बनाने के मौके पर यूएन ने कहा कि बहादुर नादिया हमारे साथ मिलकर मानव तस्करी के खिलाफ लड़ेंगी और इसे लेकर लोगों के बीच जागरुकता लाएंगी। उनकी लड़ाई आईएसआईएस के खिलाफ जारी रहेगी. 
 
नादिया कहती हैं कि वह ब्रिटेन में रहकर इराक के हिंसा पीड़ितों को इकट्ठा करने में जुटी हुई हैं. साथ ही वह चाहती हैं कि रिफ्यूजी कैंप में रह रही महिलाओं की मदद की जाए. 
 
सुनाई दर्दभरी दास्तां
साल 2014 में आईएस ने नादिया के परिवार को मार दिया था और उन्हें उठाकर मोसुल ले गए थे. इसके बाद आईएस ने उन्हें सेक्स गुलाम बनाकर रखा है और कई दिनों तक रेप किया. नादिया बताती हैं कि आतंकी हजारों याजिदी महिलाओं के साथ बलात्कार करते हैं. वे छोटी बच्चियों पर भी रहम नहीं करते. आठ-नौ साल की बच्चियों तक के साथ वहां रेप होता है. 
 
पिछले साल आईएस के कब्जे से आजाद होने के बाद नादिया ने सेंट्रल लंदन के ट्रेड यूनियन कांग्रेस हाउस में अपनी रोंगटे खड़े करने देने वाली कहानी सुनाई थीं। 
 
नादिया ने ये भी बताया कि एक बार उन्होंने आईएस के चंगुल से भागने की भी कोशिश की थी लेकिन जब वह पकड़ी गईं तो उनके साथ तब तक रेप किया गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गईं. उनकी कहानी सुन वहां मौजूद लोगों की आंखें तक भर आईं और उन्होंने नादिया की बहादुरी की प्रशंसा की.