नई दिल्ली. दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश माने जाने वाले अमेरिका पर 9 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी थी. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन जैसी इमारतों के पल भर में ढह जाने से दुनिया को समझ आ गया था कि आतंकवाद का राक्षस किसी भी बड़ी ताकत को निगल सकता है और इससे निपटने के लिए एकजुट होने की जरूरत है.
 
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आज इस हमले को 15 साल हो गए हैं. हमले के ​लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन अल-कायदा के कमांडर ओसामा बिन लादेन को भी मार दिया गया है. लेकिन, आज भी इस आतंकी हमले की भयावहता कायम है. इस हमले में आतंकियों ने चार विमानों का अपहरण कर उन्हें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन से टकरा दिया था. 
 
इसमें 2996 लोगों की जान चली गई थी. हमले के बाद अमेरिका की सुरक्षा और अधिक चाकचौबंद कर दी गई. बड़े आतंकी हमलों में से एक 9/11 की 15वीं बरसी पर हम यहां बता रहे हैं, इससे जुड़ी कुछ विशेष बातें.
 
कैसे और कब हुआ आतंकी हमला
 
1. 11 सितंबर 2001 को अल कायदा के 19 आतंकियों ने चार अमेरिकी​ विमान हाइजैक कर लिए. पहला हमला सुबह 8:46 और 9:03 बजे न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ और साउथ टावर पर हुआ. 
 
2. इसके बाद तीसरी फ्लाइट सुबह 9:37 पर पेंटागन की बिल्डिंग से टकरा गई, जिसमें 125 सैनिकों की मौत हो गई थी. इस विमान में 53 यात्री थे. 
 
3. चौथा विमान पेन्सिलवेनिया में शैंक्सविले के पास एक खेत में गिर गया था क्योंकि यात्रियों ने आतंकियों पर ही हमला कर दिया था. 
 
4. इस हमले में 2996 लोग मारे गए थे और 6000 घायल हो गए थे. 100 पुलिस अधिकारी और फायर फाइटर्स की भी जान चली गई.
 
5. अमेरिका में 10 बिलियन डॉलर की प्रॉपर्टी बर्बाद हुई और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को तीन ट्रिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा.
 
6. आतंकी हमले की जिम्मेदारी अल -कायदा ने ली, जिसके कमांडर ओसामा बिन लादेन को अमेरिका ने एक गुप्त आॅपरेशन के तहत 2 मई 2011 को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मार डाला.
 
7. हमला करने वाले 19 आतंकियों में से 15 सऊदी अरब के थे और बाकी यूनाईटेड अरब अमीरात, इजिप्ट और लेबनान के रहने वाले थे. कुछ आतंकी तो यूरोप में रहे और बाद में अमेरिका में रहने में सफल हो गए. 
 
8. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में सात इमारतों का एक कॉम्प्लेक्स था, जिसका ज्यादातर उपयोग आॅफिस और व्यावसायिक कार्यों के लिए होता था. हमले के वक्त वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हजारों कर्मचारी मौजूद थे. यह इमारत 1300 फुट ऊंची थी और इसे दुनिया की सबसे ऊंची इमारत माना जाता था. 
 
9. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर यह पहली साजिश नहीं थी. इससे पहले साल 1993 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के अंडरग्राउंड गैराज में एक ट्रक बम लगाया गया था. इससे हुए जबरदस्त धमाके में सात मंजिलों को नुकसान पहुंचा था. इसमें छह लोगों की मौत हुई थी और लगभग 1000 लोग घायल हो गए थे. 
 
10. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जगह पर अब एक नेशनल सितंबर 11 मेमोरियल और म्यूजियम बनाया गया है. एक 1776 फुट ऊंचे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का भी निर्माण किया गया है. पेंटागन में भी एक मेमोरियल बनाया गया है.