नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को 14वें भारत-आसियान सम्मेलन और 11वें पूर्वी एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस रवाना हो गए हैं. प्रधानमंत्री अपनी इस दो दिवसीय यात्रा में बुधवार दोपहर जापान के प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे. 
 
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट करके कहा, ‘प्रधानमंत्री नई दिल्ली से लाओस के लिए रवाना हुए. कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें होनी हैं’ 
 
इस दो दिवसीय यात्रा पर जाने की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था,’भारत दक्षिण-एशियाई देशों के साथ भौतिक और डिजिटल संपर्क बढ़ाने का इच्छुक है. हमारी एक्ट-ईस्ट नीति के संदर्भ में आसियान महत्वपूर्ण साझेदार है और यह हमारे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है.’
 
भारत-आसियान सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान उनके भारत के एजेंडे में नौवहन सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषय शामिल होंगे.
 
भारत-दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के सदस्यों में 10 दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, ब्रुनेई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार, वियतनाम और थाईलैंड शामिल हैं. वहीं, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में 10 एशियाई देशों के नेता भाग लेंगे, जिनमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल हैं.