डरबन. दो दिवसीय साउथ अफ्रीका के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को डरबन पहुंचे. पीएम मोदी साउथ अफ्रीका के उस स्टेशन पर गए, जहां अंग्रेजों ने राष्ट्रपिता माहात्मा गांधी को ट्रेन से बाहर धकेल दिया गया था.
 
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मोदी ने पेंट्रिच रेलवे स्टेशन से ट्रेन बोर्ड की और पीटरमैरिट्सबर्ग तक सफर किया. उनके साथ साउथ अफ्रीका के कई अधिकारी भी मौजूद थे. इस सफर की खास बात ये है कि मोदी ने उसी रूट से सफर किया जिससे बापू ने 123 साल पहले यात्रा की थी.
 
क्या हुआ था गांधी जी के साथ
गांधी जी डरबन से प्रीटोरिया जा रहे थे, जब एक अंग्रेज ने प्रथम श्रेणी के डिब्बे में उनके चढ़ने पर आपत्ति की और उन्हें तीसरी श्रेणी के डिब्बे में जाने को कहा गया. गांधीजी के पास प्रथम श्रेणी का वैध टिकट था और उन्होंने तीसरी श्रेणी के डिब्बे में जाने से इनकार कर दिया. उसके बाद भयंकर सर्दी में पीटरमारिट्जबर्ग स्टेशन पर उन्हें ट्रेन से बाहर धकेल दिया गया. वह रातभर भयंकर ठंड में स्टेशन पर रूके रहे. इस घटना ने दक्षिण अफ्रीका में ठहरकर वहां भारतीयों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव के विरूद्ध संघर्ष करने के गांधीजी के निर्णय में अहम भूमिका निभायी. साउथ अफ्रीका की आधिकारिक यात्रा पर यहां पहुंचे पीएम मोदी का आज का दिन महात्‍मा गांधी के नाम ही रहा.
 
क्या कहा PM ने 
मोदी ने साउथ अफ्रीका की यात्रा को तीर्थ यात्रा की तरह बताया. उन्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका की यात्रा मेरे लिए तीर्थ यात्रा बन गई है. मैंने उन सभी तीन जगहों की यात्राएं कीं जिनका भारत के इतिहास और माहत्मा गांधी के जीवन में काफी योगदान रहा है.  
 
मनमोहन भी कर चुके हैं सफर
ऐसा करने वाले नरेंद्र मोदी अकेले प्रधानमंत्री नहीं हैं. इससे पहले पहले पीएम मनमोहन सिंह ने भी साल 2006 में अपने दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर ट्रेन से सफर किया था. मनमोहन सिंह अपनी पत्नी के साथ पेंट्रिच रेलवे स्टेशन से पीटरमैरिट्सबर्ग तक ट्रेन से सफर किया था.

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