कुआलालम्पुरः मलेशिया में दो महिलाओं को कार में समलैंगिक सेक्स की कोशिश के अपराध में धार्मिक अदालत में बेंत से पीटा गया. 22 और 32 वर्षीय दो मुस्लिम महिलाओं को त्रिंगानु राज्य के शरिया हाईकोर्ट में 6 बार बेंत से पीटा गया. महिलाओं पर जुर्माना भी लगाया गया. मलेशिया में लेस्बियन, गे, बॉयसेक्युअल और ट्रांसजेंडर (एलजीबीटी) समुदाय के लोगों को देश के मूल्यों के लिए खतरा माना जाता है. यही वजह है कि एलजीबीटी समुदाय के लोग यहां के कानून के निशाने पर रहते हैं.

महिलाओं को अप्रैल महीने में गिरफ्तार किया गया था. उन पर आरोप था कि वह कार में समलैंगिक सेक्स करने की कोशिश कर रही थीं. महिलाओं को बेंत से मारने की सजा के साथ ही जुर्माना भी लगाया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिलाओं को कोड़े इस्लामिक कानून के तहत लगाए गए हैं. हालांकि मलेशिया के नागरिक कानून में सजा के तौर पर बेंत लगाने का प्रावधान नहीं है. बताते चलें कि मलेशिया में दो तरह के कानूनी सिस्टम हैं, एक शरिया कानून है तो दूसरा नागरिक कानून.

यह पहली बार है जब शरिया कोर्ट में मौजूद करीब 100 लोगों के सामने महिलाओं को सजा दी गई. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने महिलाओं को दी गई सजा को बेहद क्रूर और अमानवीय बताया. मलेशिया में समलैंगिक गतिविधियां धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष कानून दोनों ही जगह प्रतिबंधित हैं. गौरतलब है कि अगस्त की शुरुआत में मलेशिया के एक मंत्री ने सार्वजनिक प्रदर्शनी से एलजीबीटी समुदाय से जुड़ी चीजों को हटाने का आदेश दिया था.

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