डोकलाम. चीन एक बार फिर से अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. अगस्त 2017 में भारत से मुंह की खाने के बाद भी इन सर्दियों में 1800 चीनी सैनिकों ने सैनिकों ने सिक्किम-भूटान-तिब्बत के नजदीक डोकलाम में डेरा डाल दिया है. सर्दियों का सामना करने के लिए चीन यहां पर हेलीपैड, सड़क निर्माण, दुकान निर्माण और सैनिकों के ठहरने की व्यवस्था कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार चीनी सैनिक डोकलाम में शिविर, हेलिपैड्स और रोड बनाने का काम कर रहे हैं. यह काफी ऊंचाई वाला क्षेत्र है.

बताया जा रहा है कि सेना ने चीन सीमा से लगते इलाकों में सड़क निर्माण में तेजी लाने का फैसला किया गया है. इसका मकसद आपातकालीन स्थिति में सैनिकों को जल्द से जल्द सीमा तक पहुंचाना है. इस काम का जिम्मा उसने इंजीनियर्स कोर को सौंपा है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इंजीनियर्स कोर (सीओई) पहले ही इसके लिए कई अहम कदम उठा चुका है. इसमें पहाड़ काटने और सड़क निर्माण के विभिन्न उपकरणों को खरीदने के आदेश दिए जा चुके हैं. इसके अलावा सैनिकों की तीव्र आवाजाही के लिए असाल्ट ट्रैक की खरीद की जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) डोकलाम में सड़क निर्माण करा रही है. एक सूत्र ने बताया कि पहले डोकलाम में हर साल अप्रैल-मई और अक्टूबर-नवंबर में PLA सैनिक आ जाते थे और इस पर दावा करते थे. लेकिन सिक्किम के डोकलाम में 73 दिन तक चले टकराव के बाद 28 अगस्त को पहली बार ऐसा देखा गया है कि PLA ने भूटान क्षेत्र में अड्डा जमा लिया है. भारत ने यथा स्थिति बना रखी है.

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