न्यूयॉर्क. 11 सितंबर के हमले जिन्हें 9/11 भी कहा जाता है. इस्लामिक आतंकवादी समूह अल-कायदा द्वारा 11 सितंबर 2001, मंगलवार की सुबह संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ चार आतंकवादी हमले थे. हमलों में 2,996 लोग मारे गए और 6,000 से अधिक लोग घायल हुए. इसमें कम से कम 10 बिलियन डॉलर की संपत्ति का नुकसान हुआ. हमलों के बाद के महीनों और वर्षों में 9/11-संबंधित कैंसर और सांस संबंधी बीमारियों से अतिरिक्त लोगों की मृत्यु हो गई. हमलों के बाद महीनों तक हवा जहरीली होने के कारण आज तक लोग सांस की बीमारी या कैंसर से पीड़ित हैं.

18 साल पहले 11 सितंबर को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को और लॉस एंजिल्स के लिए जाने वाले उत्तरपूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका के हवाई अड्डों से प्रस्थान करने वाले अमेरिका के दो बड़े हवाई जहाजों (यूनाइटेड एयरलाइंस और अमेरिकन एयरलाइंस) से संचालित चार यात्री विमानों को 19 अल-कायदा आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था. दो विमानों, अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 11 और यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 175, लोअर मैनहट्टन में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर के उत्तरी और दक्षिणी टावरों में टकराया गया था. एक घंटे और 42 मिनट के अंदर दोनों 110 मंजिला टॉवर ढह गए. मलबे और इसके परिणामस्वरूप लगी आग ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर में की सभी इमारते कुछ या पूरी तरह से नष्ट हो गई थीं.

एक तीसरा विमान, अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 77, वर्जीनिया के अर्लिंग्टन काउंटी में पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय) में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके कारण इमारत का एक हिस्सा टूट गया. चौथा विमान, यूनाइटेड एयरलाइंस की उड़ान 93, शुरू में वाशिंगटन, डीसी की ओर उड़ाया गया था, लेकिन पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले के पास स्टोन्सिक टाउनशिप में एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसके यात्रियों ने अपहर्ताओं को नाकाम कर दिया था.

9/11 मानव इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमला है. इसकी जिम्मेदारी अल कायदा ने ली. ओसामा बिन लादेन ने कहा था कि मुसलमानों के खिलाफ अमेरिका ने काम करना बंद नहीं किया इसलिए ये कदम उठाया गया. इस हमले में कई लोगों की जान गई. लेकिन इस हमले के बाद भी पूरे अमेरिका में दहशत फैल गई. 18 साल बाद भी अमेरिका के लोग इसकी दहशत दिलों में जिंदा रखे हुए हैं.

आज भी आतंकी हमलों पर लगाम नहीं है. आज भी हमले रुक नहीं रहे हैं. दरअसल आज यानि 11 सितंबर 2019 की सुबह काबुल में अमेरिकी दूतावास के पास विस्फोट हुआ. अमेरिका 2001 की घटना के बाद से अलर्ट पर है. लेकिन बाकि देशों में अमेरिकी दूतावास के पास इस तरह के हमले अमेरिका तक चेतावनी भेजने के लिए आज भी किए जाते हैं.

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