किव. ये ख़बर पुरानी है लेकिन हम तो मोहम्मद रफी के गानों का वही एलबम खरीदते हैं जिस पर लिखा हो- ओल्ड इज गोल्ड. तो ये हैं यूक्रेन के माननीय सांसद जिन्हें वहां की संसद के सामने प्रदर्शन कर रहे गुस्साए लोगों ने 2014 में कूड़ेदान में फेंक दिया था.

कहानी पुरानी है लेकिन इसका वीडियो है ही ऐसा कि एक बार दिख जाए तो पंचायतों के वार्ड से दिल्ली के दरबार तक भ्रष्टाचार से परेशान हर भारतीय को ये मनोरम लगने लगता है.

सांसद विटाली जुराव्सकी साहब हाथ में बैग लिए संसद पहुंचे थे लेकिन प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पकड़कर कूड़ेदान की ओर ले गए और उसमें धकेल दिया. उन्होंने उठने की कोशिश की तो फिर से गिरा दिया.

ये जानकर और अचरज होगा कि विटाली साहब को कूड़ेदान में फेंकने वाले लोग जिस कानून के समर्थन के लिए वहां जुटे थे, खबरों के मुताबिक वो खुद उस कानून को ड्राफ्ट करने वाली टीम का हिस्सा थे. इसलिए कूड़ेदान कांड के बाद उन्होंने न तो पुलिस में शिकायत की और न ही कोई बवाल किया. बस इतना कहा- मैं आश्चर्यचकित हूं.

विटाली साहब और बाकी सांसदों के बनाए इस कानून के पास होने के बाद यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के समर्थक सांसदों को संसद की सदस्यता छोड़नी पड़ी और वो दोबारा संसद बनने से अयोग्य करार दिए गए. यूक्रेन के लोग ये मानते हैं कि विटाली साहब असल में विक्टर यानुकोविच के करीबी हैं और शायद इसी वजह से वो कूड़ेदान कांड के शिकार हो गए.

 

 

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