वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि पुलिस द्वारा अश्वेत नागरिकों की हत्या के बाद उनके मन में पैदा हुए भेदभाव और कमजोरी की भावना ने देश में विरोध प्रदर्शनों को बढ़ाने में मदद की है. गौरतलब है कि अमेरिकी शहर बाल्टीमोर में एक अश्वेत युवक की पुलिस हिरासत में मौत के बाद दंगा भड़क गया है.

ओबामा ने कहा,  ‘लगभग प्रत्येक स्तर पर एक औसतन युवा अश्वेत युवक को जिंदगी में मिलने वाले मौके उसके समकक्षों की तुलना में अधिक खराब हैं.’
उन्होंने कहा,  ‘अवसरों में यह अंतराल जल्दी ही शुरू हो जाता है, आमतौर पर जन्म के साथ ही और इन दूरियों को कम करना उनके लिए मुश्किल होता जाता है. जिस वजह से कई युवा पुरुष और महिलाएं ये महसूस करने लगते हैं कि वे अपने सपनों को कभी हासिल नहीं कर पाएंगे. भेदभाव और असहायता की यह भावना कि उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है, इसी भावना के कारण विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा मिलता है. बाल्टीमोर, फग्र्युसन और न्यूयॉर्क जैसे स्थानों पर इन विरोध प्रदर्शनों को देखा जा सकता है.’

ओबामा उन आंकड़ों की ओर इशारा करते हैं, जिनसे पता चलता है कि देश में अश्वेतों और लैटिन मूल के निवासियों के साथ कानूनी स्तर पर अलग बर्ताव किया जा रहा है. उन्होंने कहा,  ‘इन विरोध प्रदर्शनों को इस बात से बढ़ावा मिला है कि इस देश में कानून सभी पर समान रूप से लागू नहीं हो रहा है.’ उन्होंने ने इन अश्वेतों की तुलना स्वयं से करते हुए कहा,  ‘अमेरिका के प्रत्येक समुदाय में अद्भुत प्रतिभाशाली युवा लोग हैं, लेकिन उन्हें उस तरह के अवसर नहीं मिले, जो मुझे मिले. ये लोग मेरी ही तरह प्रतिभाशाली और होशियार हैं, लेकिन इन्हें अवसर नहीं मिले.’