वाशिंगटन. पठानकोट हमले को अमेरिका ने बेहद गंभीरता से लिया है. अमेरिकी कांग्रेस ने पाकिस्तान को 8 नए एफ-16 लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित बिक्री पर रोक लगा दी है. पाकिस्तानी अखबार डॉन ने इस बात का खुलासा किया. आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोताही बरतने को लेकर पैदा हुई पाकिस्तान विरोधी भावनोओं के बीच अमेरिकी सांसदों ने इस मामले में नोटिस के जरिए सफाई और जानकारी देने की मांग की थी. अखबार ने कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से कहा कि इससे कैपिटल हिल में पाकिस्तान विरोधी रुख में बढ़ोत्री का पता चलता है.
 
डॉन कहता है कि हालांकि इससे प्रस्तावित बिक्री पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है, प्रशासन चाहे तो अब भी पाकिस्तान को इनकी बिक्री कर सकता है, लेकिन पूरी प्रक्रिया में अब वक्त लग सकता है. हाल ही में अमेरिकी संसद की बहस में सांसदों ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों और एफ 16 लड़ाकू विमानों के पाकिस्तान द्वारा दुरुपयोग को लेकर सवाल उठाए थे.
 
सांसद टेड पो ने कहा, “मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि एफ 16, जो कि एक लड़ाकू विमान है. उसका किस प्रकार से मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए उपयोग हो सकता है. अगर उन्हें मानवीय सहायता के लिए विमान चाहिए तो वे सी-130 जैसे विमान खरीद सकते हैं. लेकिन एफ 16 का प्रयोग मानवीय सहायता के लिए तो नहीं किया जाएगा.”डॉन का कहना है कि ये दोनों सांसद पाकिस्तान विरोधी लॉबी की मदद करते हैं. ये ना सिर्फ पाकिस्तान को सैन्य सामान बेचने का विरोध करते हैं, बल्कि अक्सर अमेरिकी प्रशासन को इस्लामाबाद से संबंध तोड़ने के लिए कहते रहते हैं.
 

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