काबुल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय रूस यात्रा के बाद अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंच गए हैं. वतन वापसी के दौरान पीएम कुछ देर काबुल में रूकेंगे. वहां पीएम अफगान संसद की नई इमारत का उद्घाटन करेंगे, भारत सरकार ने युद्ध पीड़ित अफगानिस्तान से दोस्ती और एकजुटता दिखाने के लिए इस भवन को बनाने का काम 2007 में शुरू किया था.
 
इस भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 50 लाख डॉलर का खर्च आना था. लेकिन, बाद में यह बढ़कर 9 करोड़ डॉलर हो गया. इस भवन का डिजाइन मुगल और आधुनिक स्थापत्य कला पर आधारित है. इसका गुंबद एशिया का सबसे बड़ा गुंबद होगा. अफगानी संसद भवन को नवंबर 2011 में ही बनकर तैयार होना था, लेकिन इसे बनाने की अंतिम तिथि तीन बार बढ़ानी पड़ी.
 
रूस के साथ हुए 16 अहम समझौते
 
अपने दो दिवसीय दौरे के लिए रूस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की सीईओ मीट में बैठक के बाद भारत-रुस के बीच 16 अहम समझौते हुए हैं. इनमें भारत और रूस के बीच रेलवे के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है. राष्ट्रपति पुतिन ने भारत का कई मामलों के साथ ही सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का भी समर्थन किया है. 
 
पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ क्रेमलिन में सालाना शिखर वार्ता की और आतंकवादी समूहों और लक्षित देशों के बीच कोई अंतर तथा भेदभाव किए बिना आतंकवाद के खिलाफ दुनिया के एकजुट होने की जरूरत को रेखांकित किया.

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