इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि बीते साल पेशावर के स्कूल पर हुए वीभत्स हमले ने पूरे देश को एकजुट कर दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हर साल 16 दिसंबर को ‘शिक्षा को बढ़ावा देने के संकल्प दिवस’ के रूप में मनाएगा. पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री शरीफ और सेना प्रमुख राहील शरीफ ने हमले में मारे गए बच्चों के घरवालों के साथ समय बिताया.
 
स्कूल परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में शरीफ ने कहा, “आर्मी स्कूल पर हमले ने पूरे देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कर दिया. यह सभी के लिए तकलीफदेह घटना थी. समय आ गया है कि आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंका जाए.”
 
शरीफ ने कहा, “बेगुनाह मासूमों को मारने वाले आतंकवादियों को इंसाफ की दहलीज तक खींच कर लाया जाएगा. हम अपने शहीद बच्चों के एक-एक कतरा खून का बदला लेंगे.” उन्होंने कहा कि इस स्कूल त्रासदी ने पाकिस्तान के भविष्य के काम की रूपरेखा तय कर दी है. प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान ने 16 दिसंबर 2014 को हुई इस वारदात की जिम्मेदारी ली थी. इस हमले में 144 लोग मारे गए थे. इनमें 132 बच्चे थे. इस त्रासदी की पहली बरसी पर पूरे पाकिस्तान में लोगों ने पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई.
 
नवाज शरीफ ने जनरल राहील शरीफ के नेतृत्व में सेना के आतंकवाद विरोधी अभियान और आतंकियों के खात्मे की सराहना की. उन्होंने कहा कि लगातार हमलों ने आतंकियों की रीढ़ तोड़ दी है और वह दिन दूर नहीं जब इनका पूरी तरह से सफाया हो जाएगा.

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