मैरी (तुर्कमेनिस्तान). तापी परियोजना सिर्फ एक गैस पाइपलाइन परियोजना नहीं है, बल्कि यह चारों संबंधित देशों की आपस में एक-दूसरे से जुड़ने की भावना का प्रतीक है. यह बात रविवार को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कही. शहर में परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में अंसारी ने कहा, “आर्थिक रूप से एकीकृत दक्षिण और मध्य एशिया का विचार एक ऐसा विचार है, जिसका समय आ गया है.” 
 
उन्होंने कहा कि तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (तापी) गैस पाइपलाइन परियोजना से दक्षिण और मध्य एशिया की अर्थव्यवस्था के एकीकरण में मदद मिलेगी. अंसारी के अलावा इस अवसर पर तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्दिमुहमदोव, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी मौजूद थे.
 
अंसारी ने कहा कि शिलान्यास समारोह का आयोजन ऐतिहासिक रेशम मार्ग शहर मैरी में पूरी तरह उचित है. इस शहर को पहले मर्व के नाम से जाना जाता था.
 
भारत ने एडीबी से 2006 में इस परियोजना से आधिकारिक सदस्य के तौर पर जुड़ने का आग्रह किया और 2008 में 10वीं संचालन समिति की बैठक में परियोजना का स्थायी सदस्य बन गया.
 

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