नई दिल्ली. चीन ने भूमि अधिग्रहण बिल पर संसद में हो रहे हंगामे के लिए भारत में लोकतंत्र के ऊंचे स्तर को जिम्मेदार बताया है. चीन का मानना है कि यह सब इंडिया में ‘बहुत ज्यादा लोकतंत्र’ होने की वजह से हो रहा है. चीन की तरफ से शियान हाईटेक इंडस्ट्रीज डिवेलपमेंट जोन (XHTZ) के फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) के प्रॉजेक्ट मैनेजर वांग मेंगहाव ने इकनॉमिक टाइम्स से भूमि बिल के संबंध में कहा कि इंडिया को भूमि अधिग्रहण बिल पास कराने में परेशानी इसलिए हो रही है क्योंकि वहां डेमोक्रेटिक सिस्टम है. चीन में दूसरे ऑफिसर्स और एक्सपर्ट्स का भी यही मानना है.

वांग ने कहा, ‘स्वाभाविक है कि लोग अपनी जमीन खुशी-खुशी नहीं छोड़ना चाहेंगे. चीन में जमीन सरकार की होती है और उनको लेकर लोगों के पास एक सीमा से आगे जाने का ऑप्शन नहीं होता है. सरकार जब चाहे, अपनी जमीन वापस ले सकती है, लेकिन इंडिया में सिस्टम और प्रोसेस के चलते यह जटिल मामला हो जाता है.’ चीन सरकार जिन किसानों की जमीन लेती है, उनको वह वैकल्पिक प्लॉट ऑफर करती है. मुआवजे में पैसा और नौकरी दोनों शामिल होनी चाहिए.

 

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