रियाद. सऊदी अरब के लोकल इलेक्शंस में पहली बार हिस्सा ले रही महिला कैंडिडेट्स भी अपने चुनाव प्रचार में जोर-शोर से जुट गईं हैं. सऊदी में12 दिसंबर को म्यूनिसिपल इलेक्शन्स होने हैं जिनमें 900 से ज्यादा महिलाएं अपनी किस्मत आजमा रही हैं. 
 
सऊदी अरब में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब महिलाएं इलेक्शन लड़ेंगी भी और वोट भी डालेंगी. बता दें कि महिलाओं को चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत इसी साल मिली है. सफीना अबु अल-शमत वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने वाली पहली महिला बनीं हैं. इसके बाद जमाल अल-सादी ने वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवाकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया।
 
कैंपेन के लिए फोटो नहीं छपेंगी
सऊदी अरब में महिलाओं के पब्लिकली चेहरा दिखाने पर मनाही है. ऐसे में इलेक्शन डॉक्युमेंट्स पर उनकी तस्वीरें नहीं होंगी. हालांकि, चुनाव में खड़े पुरुष उम्मीदवारों को भी फोटो छपवाने की इजाजत नहीं है. गौरतलब है कि सऊदी मीडिया में इस चुनाव को ऐतिहासिक बताया जा रहा है.
 
सऊदी कानून के मुताबिक इलेक्शन प्रोसेस के दौरान महिला उम्मीदवार पुरुषों के साथ काम नहीं कर सकेंगी. पिछले एक दशक में यहां सोशल लेवल पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर कई कदम उठाए गए हैं. किंग अब्दुल्ला ने 2011 में महिलाओं को चुनाव लड़ने और वोटिंग की इजाजत दी थी.

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