
धनिया- धनिया के बीजों हल्का रगड़कर गमले की मिट्टी में बुवाई कर दें. हल्की धूप और पानी आदि देखभाल से 2-3 हफ्ते में धनिए पत्ती की पूरी गड्डी मिल जाती है
चेरी टमाटर- ये टमाटर की छोटी किस्म है, जिसे गमले या ग्रो बैग में उगा सकते हैं. बस गमले में पानी न जमने दें तो भर-भरके टमाटर की उपज मिल जाएगी
मिर्च- मिर्च के बीजों को फेंकने के बजाए गमले में बो सकते है, फिर चाहे शिमला मिर्च हो या सादा मिर्च. सही देखभाल से 2-3 महीने में मिर्च आ जाती हैं
सेम-लोबिया- ये सब्जियां एक गमले में ही उगा सकते हैं, लेकिन बेल को ऊंचाई पर टांगना पड़ता है. सही केयर करने पर 2-3 महीने में फलियां मिल जाती हैं
करेला- ये पौधा तेज धूप में भी खूब पनपता है. 12-15 इंच के गमले में लगाएं तो इसकी बेल तेजी से फैलती है और कुछ समय में ताजे करेले आने लगते हैं
खीरा- इसकी बेल सिर्फ फल ही नहीं देती, वातावरण को नमीदार बनाए रखते हैं. गर्मी में खीरा-ककड़ी को बालकनी में आसानी से ग्रो कर सकते हैं
सभी सब्जियों को उगाने के लिए 15-18 इंच के बड़े गमले या ग्रो-बैग्स लगाएं ताकि जड़े सही से फैल सकें और पौधा जल्दी ग्रो हो जाए
गमले में 50% सामान्य मिट्टी, 30% गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20% कोकोपीट मिलाएं. बीज लगाने के बाद मिट्टी के ऊपर सूखे पत्ते या घर से कवर करें, ताकि मिट्टी में नमी रह सके