मत्स्यावतार: यह रूप प्रलय (महाविनाश) के समय दुनिया, वेदों और जीवन की रक्षा के लिए धारण किया था.
कूर्मावतार: यह अवतार विष्णु ने समुद्र मंथन के समय मंदराचल को अपने ऊपर थामने के लिए लिया था.
वराहावतार: इस अवतार का मुख्य उद्देश्य पापी दैत्य हिरण्याक्ष का वध करके डूबी हुई पृथ्वी को समुद्र से बाहर निकालना था
नरसिंहावतार: इसमें भगवान विष्णु ने आधे मनुष्य और आधे सिंह का रूप लिया था. उन्होंने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने और हिरण्यकशिपु का वध करने के लिए यह रूप धारण किया था.
वामन : उन्होंने एक छोटे कद के ब्राह्मण बौने के रूप में अवतार लिया ताकि असुर राजा बलि को विनम्र बनाकर ब्रह्मांडीय संतुलन को बहाल किया जा सके
परशुराम: भगवान परशुराम हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं. वे एक 'चिरंजीवी' योद्धा-ऋषि हैं.
राम: प्रभु राम को भी नारायण का अवतार माना जाता है. त्रेता युग में प्रभु ने यह अवतार लिया था
कृष्ण: द्वापर युग में कृष्ण के रूप में अवतार लिया था और इसी रूप में उन्होंने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था.
बुध: महात्मा बुध को भी नारायण का अवतार माना जाता है.
कल्कि: ऐसा माना जा रहा है कि कलियुग में नारायण लोगों के उद्धार के लिए कल्कि के रूप में अवतार लेंगे.