सावन में व्रत रखने वालों की पहली पसंद साबूदाना खिचड़ी होती है. यह स्वादिष्ट होने के साथ पेट भरने वाली और दिनभर ऊर्जा देने वाली डिश मानी जाती है.
सावन व्रत की फेवरेट डिश
सबसे पहले 1 कप साबूदाना को 3 बार अच्छी तरह धो लें. फिर इसमें इतना पानी डालें कि साबूदाना बस डूब जाए. इसे करीब 5 घंटे तक भिगोकर रखें. यही तरीका दानों को चिपकने से बचाता है.
खिले-खिले दानों का राज
इस रेसिपी के लिए साबूदाना, उबले आलू, भुनी मूंगफली, हरी मिर्च, जीरा, करी पत्ते, घी या मूंगफली का तेल, सेंधा नमक, काली मिर्च, नींबू और हरा धनिया तैयार रखें.
रेसिपी के लिए जरूरी सामग्री
एक कड़ाही में घी या मूंगफली का तेल गर्म करें. उसमें जीरा चटकाएं. चाहें तो करी पत्ते और हरी मिर्च डालें. फिर उबले हुए आलू डालकर लगभग 5 मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भूनें.
जीरा और आलू का तड़का
अब भीगा हुआ साबूदाना कड़ाही में डालें और हल्के हाथों से चलाएं. इसके बाद दरदरी पिसी हुई भुनी मूंगफली डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.
अब डालें साबूदाना और मूंगफली
सेंधा नमक और काली मिर्च डालने के बाद खिचड़ी को लगभग 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. इससे साबूदाना पूरी तरह पक जाएगा और दाने अलग-अलग बने रहेंगे.
धीमी आंच पर करें पकाएं
गैस बंद करने के बाद ऊपर से नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालें. इससे खिचड़ी का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं.
आखिर में डालें नींबू और हरा धनिया
गैस बंद करने के बाद ऊपर से नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालें. इससे खिचड़ी का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं.