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तलाक के सालों बाद राजा चौधरी ने बताया क्यों कस्टडी छोड़ लिया फ्लैट?

तलाक के सालों बाद राजा चौधरी ने बताया क्यों कस्टडी छोड़ लिया फ्लैट?

तलाक के दौरान एक इंटरव्यू में, श्वेता तिवारी ने दावा किया कि उनकी लीगल टीम ने राजा और पलक के नाम पर एक जॉइंट प्रॉपर्टी का प्रस्ताव दिया था.

हालांकि, राजा ने कथित तौर पर अकेले मालिकाना हक की मांग की. श्वेता ने कहा कि राजा तलाक और अपनी बेटी की कस्टडी छोड़ने के लिए तभी सहमत हुए जब उन्हें एक फ्लैट मिला.

राजा चौधरी ने कहा कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया और ऐसा दिखाया गया जैसे उन्होंने अपनी बेटी के बदले प्रॉपर्टी मांगी हो. 

राजा चौधरी ने बताया कि उस समय वह बहुत मुश्किल समय से गुज़र रहे थे. कई कानूनी मामलों और झगड़ों की वजह से उन्हें किराए पर घर भी नहीं मिल पा रहा था. 

राजा के मुताबिक, जिस 1BHK फ्लैट की बात हो रही है, वह उनके पिता ने उनकी शादी के समय खरीदा था.

राजा के पिता ने डाउन पेमेंट किया था, जबकि बाद में उन्होंने और श्वेता ने मिलकर EMI भरी थी. राजा का दावा है कि फ्लैट की शुरुआती कीमत करीब 9 लाख रुपये थी.

राजा चौधरी ने कहा कि फैमिली कोर्ट ने उन्हें अपनी बेटी पलक से मिलने की इजाज़त दी थी. हालांकि, राजा का आरोप है कि पलक को मिलने की तय जगह पर नहीं लाया गया. 

राजा ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की कस्टडी के बदले कभी भी प्रॉपर्टी की मांग नहीं की. 

राजा ने अफ़सोस जताया कि इसे ऐसे दिखाया गया जैसे उन्होंने अपनी बेटी का सौदा कर लिया हो.

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