
ज्योतिष और वास्तु में तवा और कढ़ाई को राहु का प्रतीक मानते हैं जिसे उल्टा रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा, दरिद्रता और आर्थिक तंगी होने लगती है
हिंदू मान्यताओं में केवल मृत्यु के बाद ही तवे को उल्टा रखते हैं जबकि सामान्य दिनों में कढ़ाई और तवा उल्टा रखना वर्जित माना गया है
रसोई के इन दोनों बर्तनों का राहु का शुद्ध रूप बताते हैं जिसे गंदा या गलत तरीके से रखना अशुभ बताया गया है
रोटी पकाने या खाना बनाने के बाद दोनों बर्तनों को गंदा या चूल्हे पर खाली नहीं छोड़ना चाहिए
सिंक में झूठे बर्तनों के साथ कढ़ाई और तवा रखने से घर के मुखिया पर राहू दोष लगता है और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है
जब भी खाना बन जाए तो कढ़ाई या तवे को चूल्हे के दाईं ओर रखने की सलाह दी जाती है
तवे या कढ़ाई को उल्टा रखने के पीछे वैज्ञानिक कारण है कि कीट और जहरीले जीव इसे अपना बिल समझ सकते हैं मकड़ी जाले बना सकती है या छिपकली इसमें घर बना सकती है
काफी बार धूल और धुआं जमने से बर्तनों खराब हो जाते हैं जिस पर आप तेल-घी लगाकर भोजन पकाएंगे तो खाने में जाकर आपकी सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं.