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क्या हंता वायरस से डरने की जरूरत है?

अटलांटिक महासागर में MV Hondius क्रूज शिप पर हंता वायरस फैलने से पूरी दुनिया में कोहराम मच गया है

साल 2026 में हंता वायरस के संक्रमण से 3 मौत हो चुकी हैं, जिसके बाद डब्ल्यूएचओ ने भी चेतावनी जारी कर दी है

हंता वायरस का प्रकोप सबसे पहले दक्षिण कोरिया में 1978 में फैला था, जिसके बाद ये पूरी दुनिया में फैला.

हंता वायरस चूहे, गिलहरी जैसे काटने वाले छोटे जीवों और इनके मल मूत्र के जरिए इसानों में फैलता है

अर्जेंटीना और चिली में हंता वायरस के एंडी स्ट्रेन को इंसान से इंसान में फैलने वाला बताया जा रहा है

साल 2018 में अर्जेंटीना में हंता वायरस के ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन के मामले दर्ज किए गए थे

हंता वायरस संक्रमित चूहों की लार, मल, मूत्र से फैलता है, इसलिए साफ-सफाई और हाईजीन मेंटेन करके बचाव किया जा सकता है

WHO की वैश्विक महामारी प्रबंध निदेशक मारिया वान केरखोव ने साफ किया है कि हंता वायरस बिल्कुल भी कोरोना  वायरस की तरह नहीं है. ये SARS COVID-2 भी नहीं है. हंता वायरस को किसी नहीं महामारी से जोड़ना गलत है.

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