
आयुर्वेद में घी की तासीर ठंडी बताई गई है, जो शरीर के पित्त दोष को शांत करके एसिडिटी, जलन और हीट को डिसॉल्व करता है
NCBI के मुताबिक, घी का फैट फल और सब्जियों से मिलने वाले सॉल्यूबल विटामिन्स जैसे-A, D, E, K के अब्जॉर्पशन में हेल्प करता है
द जर्नल ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन की स्टडी में बताया गया है कि घी में पाए जाने वाला ब्यूटायरेट नामक शॉर्ट-चेन फैटी एसिड आंतों की सूजन को हील करते हैं
गर्मी में रोजाना 1 से 2 चम्मच घी खाने से पाचन तंत्र की दीवारें मजबूत रहती है. इसलिए लंच की डाइट में दाल-रोटी के साथ घी ले सकते हैं
ज्यादा मात्रा में घी खाने या घी में फ्राईड फूड खाने से शरीर में भारीपन, आलस या हीट महसूस हो सकती है
जिन लोगों को मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और लिवर से जुड़ी हेल्थ प्रॉबलम्स रहती हैं, वो घी खाने से पहले डॉक्टर से सलाह मशवरा कर लें