
द्वारकाधीश मंदिर गुजरात के द्वारका में स्थित द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण के बसाए गए प्राचीन शहर की याद दिलाता है जिसे इसे जगत मंदिर भी कहा जाता है और यह हिंदुओं के चार धामों में से एक है
जगन्नाथ मंदिर ओडिशा के पुरी स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर को धरती का बैकुंठ कहा गया है जहां भगवान कृष्ण जगन्नाथ रूप में बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं
श्री बांके बिहारी मंदिर उतत्र प्रदेश के वृंदावन में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा होती है, मान्यता है कि यहां ठाकुर जी की आंखों में लगातार देखने पर भक्त सुधि-बुधि खो बैठते हैं, इसलिए पर्दा बार-बार डाला जाता है
उडुपी श्रीकृष्ण मठ कर्नाटक के उडुपी स्थित इस अनोखे मंदिर की स्थापना 13वीं शताब्दी में संत श्री मध्वाचार्य ने की थी जहां भगवान के दर्शन सीधे मूर्ति के सामने से न होकर एक विशेष नौ छिद्रों वाली खिड़की से होते हैं
गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर केरल के गुरुवायुर स्थित इस मंदिर को दक्षिण की द्वारका भी कहते हैं जिसके विग्रह को पाताल लोक का बताया जाता है जिसकी मान्यता है कि इसकी पूजा स्वयं ब्रह्माजी ने की थी
श्री रणछोड़जी महाराज मंदिर गुजरात के डाकोर स्थित इस मंदिर में भगवान कृष्ण रणछोड़राय के रूप में पूजे जाते हैं, मान्यता है कि भगवान कृष्ण द्वारका से भक्त तातड़ की भक्ति के कारण यहां डाकोर चले आए थे, जहां के गुंबद व बुर्ज सोने के बने हैं
श्री राधा रमन मंदिर उत्तर प्रदेश के वृंदावन का यह मंदिर गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा 1542 में स्थापित किया गया था जहां भगवान कृष्ण का विग्रह शालिग्राम शिला से स्वयं प्रकट हुआ था और इसे आज भी अत्यंत जीवंत और चमत्कारी माना जाता है
पार्थसारथी मंदिर तमिलनाडु के चेन्नई स्थित यह मंदिर देश के प्राचीन मंदिरों में से एक है जो महाभारत में अर्जुन के सारथी बने भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां भगवान के चेहरे पर महाभारत युद्ध के दौरान लगे तीरों के निशान माने जाते हैं