
आयुर्वेद के अनुसार, जब भी आपका मन अशांत रहे तो समझ जाएं की आपका वात असंतुलन हो रहा है
आयुर्वेद के अनुसार, जब भी आपका मन अशांत रहे तो समझ जाएं की आपका वात असंतुलन हो रहा है
इससे चिंता, ओवरथिंकिंग, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बेचैनी, स्ट्रेस, मेंटल प्रेशर और इमोशनल थकान और कमजोरी लगती है
ठीक से नींद न आना, देर रात जागना, चिड़चिड़ाहट रहना, गलत टाइम पर खाना और देर रात मोबाइल स्क्रीन पर लगे रहना कारण है
इस समस्या से बचने के लिए सुबह 5-10 मिनट शांत बैठें और कुछ समय गहरी शांति, प्रार्थना और मौन में बिताएं
अनुलोम-विलोम, लंबी गहरी सांसे या हल्का ध्यान भी आपके ब्रेन और माइंड को स्टेबल करने में हेल्प कर सकते है
खाना हमेशा भूख लगने पर ही खाएं. रेगुलर टाइम पर ही लंच डिनर करें और रात को देर तक खाना ना खाएं
सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप स्क्रीन पर न लगे रहे, ये भी मेंटल हेल्थ ईशूज को जन्म दोता है
रोजाना हल्की सैर करने जाए. नेचर से जुड़ें, हल्की धूप, हरियाली और शांत माहौल में समय बिताएं
एक नियमित टाइम पर सो जाएं, कमरे में ज्यादा अंधेरा या उजाला न करें. सोने से पहले मन और शरीर को ढ़ीला छोड़ें
सोने से पहले हर्बल ड्रिंक, पैरों की मालिश या ह्लकी-फुल्की वॉक कर सकते हैं.