आपकी सांसे सीधा आपके नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है, इसलिए जब भी आप टेंशन, स्ट्रेस और ओवर थिंकिंग करते हैं तो दिमागी थकान हो जाती है

आपके सांस लेने का तरीका ये दिक्कतें दूर करके फोकस बढ़ाने, इमोशन्स को बैलेंस करने, गहरी नींद लेने और नेचुरल एनर्जी बढ़ाने में हेल्प करता है
इसलिए भूलकर भी किसी दवाई के चक्कर में न पड़े, क्योंकि 5-10 मिनट की ट्रिक्स आपके शरीर और दिमाग को हल्का कर सकती है
अनुलोम विलोम- नाक की लेफ्ट साइड से सांस लें और राइट साइड से सांस बाहर छोड़ें. राइट साइट से सांस लें, लेफ्ट से सांस छोड़ें. इसे रिपीट करते रहें
कपालभाति- रिलेक्स होकर बैठे. नाक से गहरी सांस इनहेल करें और मुंह से सांस बाहर निकालें. डिटॉक्स और फैट बर्न के लिए प्रेक्टिस को रिपीट करें.
उज्जयी- धीरे-धीरे सांस अंदर लें. सैकेंड का पॉज लें और हल्के स्वर के साथ सांस को बाहर निकाल दें. ये तरीका फोकस और सेल्फ कंट्रोल बढ़ाता है.
भ्रामरी- एंग्जाइटी और स्ट्रेस दूर करने में हेल्पफुल, धीरे-धीरे सांस अंदर लें और बाहर निकालें. इस दौरान गले की ग्रंथि और आवाज पर फोकस करें
शीतली- गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखने में हेल्पफुल. जीभ को रोल करें और इसी के जरिए सांस अंदर-बाहर करते रहे.