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गांजा फूंकने वाले यार-दोस्तों का पता बताओ और ₹2 लाख का इनाम पाओ! क्या है सोशल मीडिया पर वायरल इस दावे का पूरा सच!

नशे के खिलाफ सरकार और एजेंसियों ने नया दांव खेला है जो गांजा या मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क, तस्करों, सप्लायरों, अवैध कारोबारियों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों की सूचना देगें, उनको लाखों रुपये का इनाम मिल सकता है. जानिए क्या है इस वायरल स्कीम के पीछे का सच!

By: Kajal Jain | Published: June 27, 2026 11:39:58 AM IST



गांजा पीने या बेचने वालों की जानकारी देंगे तो मिल सकता है ₹2 लाख का इनाम! क्या आपके सोशल मीडिया फीड पर ऐसे वायरल दावों की पोस्ट लगातार नजर आ रही है तो यह खबर आपही के लिए ही. यह बात सच है कि नशे के खिलाफ सरकार और एजेंसियां लगातार सख्त कदम उठा रही हैं. कई जगहों पर सूचना देने वालों के लिए रिवॉर्ड स्कीम भी लागू है, जिसमें सही जानकारी देने पर लाखों रुपये तक का इनाम मिल सकता है. लेकिन यह योजना पूरे देश में लागू नहीं है. ज्यादातर प्लेटफॉर्म्स पर दावों को बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा है जो पूरी तरह से सच नहीं है. जानिए आखिर क्या है वायरल दावों के पीछे के फैक्ट और क्या सच में सरकार और प्रशासन ने ऐसी किसी योजना का ऐलान किया है-

क्या है वायरल दावे के पीछे का सच?

एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध पदार्थों के कारोबार सको जड़ से खत्म करने के लिए नई इनाम नीति की घोषणा की है जिसके अनुसार, जो भी व्यक्ति ड्रग्स की तस्करी, अवैध उत्पादन, सप्लाई नेटवर्क या नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का पता या संबंधित जानकारी बताएंगे, उनको सरकार या प्रशासन की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. लेकिन इसमें भी कुछ चीजें बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत की जा रही हैं. यह स्कीम सिर्फ नशे के कारोबारियों और सप्लाई चेन को पकड़वाने पर ही लागू होगी. यदि आपके दोस्त या रिश्तेदार गांजा-चरस जैसे नशीले-मादक पदार्थों का सेवन करते है, उन पर कार्रवाई की जा सकती है लेकिन इनाम की नीति लागू नहीं होगी.

पूरे देश में लागू नहीं है स्कीम

2 लाख रुपये का इनाम झारखंड की नई राज्य नीति का हिस्सा है, जिसकी घोषणा जून 2026 में की गई थी, जिसके तहत यदि आप अधिकारियों को ड्रग्स तस्करों, आपूर्तिकर्ताओं और संगठित तस्करी नेटवर्क को पकड़वाने में मदद करते हैं तो सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाती है, और दी गई जानकारी से संबंधित चोट या मृत्यु के मामलों में सुरक्षा प्रावधान उपलब्ध हो सकते हैं. ऐसी ही योजना गुजरात (2021 से) और पंजाब (2025 से) में पहले से ही मौजूद हैं. लेकिन यह राष्ट्रव्यापी स्कीम नहीं है और न ही पूरे देश में लागू होती है. 

क्या सच में 2 लाख मिलते हैं?

NDPS ACT 1985, में अधिकारियों को सूचना देने वाले लोगों को प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है. इनाम आमतौर पर चरणों में जारी किया जाता है- पहली किस्त के तौर पर 50% राशि तब मिलेगी, जब जब्त पदार्थ की प्रयोगशाला में पुष्टि हो जाएगी. बाकी बची आधी इनाम की राशि अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद दी जाती है. लेकिन यह सत्यापन के बाद ही रिलीज की जाती है यानी आपकी बताई सूचना या जानकारी सच होनी चाहिए. कई मामले में कार्रवाई के परिणामों पर भी प्रोत्साहन राशि निर्भर करती है.

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