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मातम की जगह लाश के सामने हुआ ‘ग्लैमरस डांस’, युवक की इस आखिरी ख्वाहिश के बारे में जान रह जाएंगे हैरान

Bizarre Funeral Thailand: अंतिम संस्कार का नाम सुनते ही आम तौर पर मन में एक उदास माहौल और रोते-बिलखते लोगों की तस्वीरें उभरती हैं. लेकिन थाईलैंड से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक नई बहस छेड़ दी है.

By: Shristi S | Last Updated: May 2, 2026 8:26:41 PM IST



Thailand Funeral Dance Video: अंतिम संस्कार का नाम सुनते ही आम तौर पर मन में एक उदास माहौल और रोते-बिलखते लोगों की तस्वीरें उभरती हैं. लेकिन थाईलैंड से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक नई बहस छेड़ दी है. 

दरअसल, 59 वर्षीय विनीत वोरापोर्न के अंतिम संस्कार का नज़ारा इस उम्मीद से बिल्कुल अलग था. यहां, महिला नर्तकियों ने मृतक के शरीर के ठीक सामने जोशीला और ग्लैमरस डांस किया. इस अजीबो-गरीब घटना का वीडियो इंटरनेट पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है.

मरने वाले की एक अजीबो-गरीब अंतिम इच्छा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विनीत लंबे समय से बीमार चल रहे थे. अपनी मृत्यु से पहले, उन्होंने एक अनोखी वसीयत छोड़ी थी. उनका मानना ​​था कि जीवन एक उत्सव है, और इसलिए, उनके जाने पर किसी को भी आंसू नहीं बहाने चाहिए. उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनके अंतिम संस्कार के दौरान कोई भी दुखी न हो; शोक मनाने के बजाय, यह अवसर एक उत्सव जैसा होना चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से अनुरोध किया था कि पारंपरिक शोक अनुष्ठानों के बजाय, कोयोट डांसर्स द्वारा एक प्रस्तुति दी जाए.

कब की है ये घटना?

यह घटना 20 अप्रैल को हुई थी. नाखोन सी थम्मरात प्रांत के वाट थेप्पानोम चुएट मंदिर में, प्रार्थनाएं समाप्त होते ही माहौल अचानक बदल गया. तीन नर्तकियां, बेहद आकर्षक पोशाकों में सजी-धजी, मंच पर आईं और मृतक के ताबूत के ठीक सामने खड़े होकर तेज़ संगीत की धुन पर थिरकने लगीं. सोशल मीडिया पर इस समय वायरल हो रहे वीडियो में, रिश्तेदारों और दोस्तों को चुपचाप इस प्रस्तुति को देखते हुए देखा जा सकता है.

वायरल वीडियो देख नेटिजन्स का रिएक्शन

इस अनोखे अंतिम संस्कार का एक वीडियो लाइव-स्ट्रीम किया गया था और अब यह दुनिया भर में तेज़ी से वायरल हो रहा है. इस घटना ने इंटरनेट नेटिजन्स को दो अलग-अलग खेमों में बांट दिया है. कुछ लोगों का तर्क है कि जीवन के इस उपहार का जश्न मनाने का यह एक शानदार तरीका है. उनके विचार में, किसी व्यक्ति की अंतिम इच्छाओं का सम्मान करना ही सबसे बड़ा कर्तव्य है. दूसरी ओर, कई लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे परंपरा का अपमान बताया है और इसे बेहद आपत्तिजनक माना है.

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