झारखंड की राजधानी रांची से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज की मौत के बाद इलाज और व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, मरीज को पैर में फ्रैक्चर होने के बाद राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद शुरुआती दिनों में उचित ड्रेसिंग और देखभाल नहीं की गई, जिससे संक्रमण बढ़ता चला गया और स्थिति गंभीर हो गई. बाद में मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि इलाज के नाम पर अस्पताल ने करीब 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया, जिससे परिवार पर भारी आर्थिक दबाव पड़ गया. घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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