Yashaswinee Raje Singh : NEET पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में छात्रों के प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा. प्रदर्शन के दौरान कंटेंट क्रिएटर और बीजेपी नेता विक्रम सिंह (जो उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सदर सीट से पूर्व विधायक हैं) की बेटी यशस्वी राजे सिंह भी चर्चा में आ गई थीं. उन्होंने भी ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) के नेतृत्व में हुए उन विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है. इस प्रदर्शन में NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़े की मांग की गई थी.
अब भाजपा नेता की बेटी ने बताया कि वह CJP का समर्थन क्यों करती हैं. दरअसल, यशस्वी राजे ने छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया और प्रधान द्वारा अपने इस्तीफे के पत्र में इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना की. (@yashaswineethepooh via Instagram/AFP) यशस्वी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया और प्रधान द्वारा अपने इस्तीफ़े के पत्र में इस्तेमाल की गई “भाषा” की आलोचना की. गौरतलब है कि यशस्वी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुई थीं. इस आंदोलन में देश भर के हज़ारों छात्रों ने हिस्सा लिया और कई प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन भी मिला.
अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में यशस्वी राज ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन किया और प्रधान द्वारा अपने इस्तीफ़े के पत्र में इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इस्तीफे को एक तरह का निर्णायक मोड़ (watershed moment) मानना सचमुच बहुत संकीर्ण सोच है. उन्होंने विरोध प्रदर्शनों और पद छोड़ने के अपने फ़ैसले का ज़िक्र करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की भी आलोचना की. अपने इस्तीफे के पत्र में प्रधान ने कहा कि वह यह इस्तीफा इसलिए दे रहे हैं ताकि चल रहे विवाद से छात्रों का भविष्य खराब न हो और यह सुनिश्चित किया जा सके कि राष्ट्र-विरोधी ताकतें इस स्थिति का फ़ायदा न उठा सकें.
प्रदर्शन में जुटे लोग
उन्होंने कहा कि इस्तीफ़े के पत्र की भाषा ऐसी है जैसे कोई शहीद बोल रहा हो, न कि कोई ऐसा व्यक्ति जिसे पछतावा हो, जो माफ़ी मांग रहा हो या अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार कर रहा हो. CJP और उसके अभियान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि CJP ने ऐसे लोगों को एकजुट करने का बहुत बढ़िया काम किया जो आम तौर पर राजनीति से दूर रहते हैं और ऐसी बातचीत से बचते हैं. उन्होंने नए तरह के मैसेज और मीम्स का इस्तेमाल किया और इंस्टाग्राम पर फ़ोकस किया, जो बहुत अच्छा रहा क्योंकि वहीं पर हमने विरोध प्रदर्शनों की आम लोगों द्वारा की गई कवरेज सबसे ज़्यादा देखी.
बीजेपी नेता की बेटी ने नए शिक्षा मंत्री की आलोचना की
उन्होंने प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त करने के केंद्र सरकार के फ़ैसले पर भी सवाल उठाए और इसे बेहद निराशाजनक मज़ाक बताया. उन्होंने अल जज़ीरा से कहा कि जिसे अब शिक्षा मंत्री बनाया गया है. सच कहूं तो, यह एक बहुत ही निराशाजनक मज़ाक जैसा लगता है.
‘पिता के साथ राजनीतिक चर्चा से बचती हूं’
यशस्विनी ने कहा कि वह अपने पिता के साथ राजनीतिक चर्चा से बचती हैं. उनके पिता 2024 में समाजवादी पार्टी के चंद्र प्रकाश से सीट हारने से पहले BJP विधायक के तौर पर फतेहपुर सदर का प्रतिनिधित्व करते थे. उन्होंने कहा कि मैं घर पर भी नहीं रहती. मैं पिछले साढ़े तीन साल से भारत में हूं और अकेले रहती हूं.
सालों से नहीं गईं फतेहपुर
उन्होंने आगे कहा कि वह ऐसे माहौल में बिल्कुल भी शामिल नहीं होना चाहतीं. वह कई सालों से वहां (फतेहपुर सदर) नहीं गई हैं. इसलिए वह उन सब चीजों और अपने बीच एक बहुत बड़ी दूरी बनाए रखती हूं और इसी वजह से मैं बिना पाखंडी महसूस किए अपनी बात कह पाती हूं. 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली में कई जगहों पर जिनमें पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं.

‘पिता के साथ राजनीतिक चर्चा से बचती हूं’
