पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली पत्नी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. पत्नी और प्रेमी द्वारा पिता की हत्या करते हुए 9 साल के बेटे ने देख लिया था, जिसके बाद कोर्ट में उसकी गवाही अहम बनी. चौंकाने वाली बात यह है कि महिला का प्रेमी नाबालिग था.पत्नी दीया उर्फ दीपा और उसके नाबालिग प्रेमी ने 31 वर्षीय बाबूराम की हत्या की. इसके बाद शव बोरे में भरकर फेंक दिया.वहीं, परिवार के बाद चस्मदीद बेटे की गवाही के चलते 9 साल बाद बाबू राम को इंसाफ दिया. दीया उर्फ दीपा को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि नाबालिग का मामला जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है.
बाबूराम मूलरूप से मेरठ के मवाना का रहने वाला था. उसकी शादी दीया उर्फ दीपा से हुई थी. शादी के बच्चे हुए तो वह पत्नी दीया के साथ टीपीनगर के शिवपुरम में किराए का मकान लेकर रहने लगा. शादी के बाद बाबूराम पत्नी और बच्चों के संग रहने लगा तो महिला के पड़ोसी से दीया के प्रेम संबंध हो गए. पड़ोसी नाबालिग लड़का था. बाबूराम ने एक दिन पत्नी को पड़ोस में रहने वाले नाबालिग लड़के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा तो वह चौंक गया.
पांच माह से थे नाबालिग और दीपा के अवैध संबंध
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पड़ोस में रहने वाला नाबालिग लड़का बाइक शोरूम में नौकरी करता था. हत्या से पांच माह पूर्व उसकी मुलाकात दीया से हुई. उसके बाद उसका दीया के घर पर आना-जाना हो गया. इसी दौरान नाबालिग लड़का दीया की खूबसूरत पर फिदा हो गया. वह अक्सर दीया के घर जाने लगा. दीया भी उसकी ओर आकर्षित हो गई. लगातार मुलाकात के बाद दीया और नाबालिग लड़के के बीच अवैध संबंध हो गए.
सितंबर 2017 में बाबूराम को पत्नी पर शक हुआ था. बाबूराम को दोनों के प्रेम संबंधों को लेकर पहले से ही शक था. यकीन दीया ने प्रेमी के साथ प्लानिंग कर बाबूराम की हत्या कर दी. बोरे में शव भरकर घर के बाहर कूड़े में फेंक दिया था. 9 साल के बेटे ने ही पिता की हत्या का राज खोला था. फिर पुलिस ने कूड़े के ढेर में बोरे के अंदर से बाबूराम का शव बरामद किया.
हत्या देखने पर मम्मी ने कहा था- मत बताना
कुल मिलाकर नौ साल के बेटे ने मम्मी को पिता बाबूराम की हत्या करते हुए देखा था. इसका पता चलने पर मां दीया ने उसे पीटकर चुप रहने के लिए कहा था. दीया की छोटी बहन बेबी की शादी रणवीर से हुई है, जो दीया का देवर लगता है. इस लिहाज से दोनों बहनों का मायका माधवपुरम सेक्टर-1 में है.
कैसे हुआ शक
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि भैया दूज पर दीया अपने मायके नहीं गई थी, जबकि बेबी दोपहर 12 बजे दीया से मिलने उसके घर शिवपुरम पहुंची. यहां पर बेबी बाबूराम और दीया के तीनों बच्चों से मिली. बेबी से दीया ने कहा कि पति बाबूराम दिल्ली गए हैं. इसी बीच बाबूराम का बेटा दुष्यंत दौड़कर अपनी मौसी के पास पहुंचा और आंखों देखी हत्या का खुलासा कर दिया. उसने बताया कि मम्मी और पड़ोसी अंकल ने पापा को मार दिया. पुलिस के मुताबिक, मम्मी ने पापा के सिर पर तीन बार थपकी मारी. इसके बाद मम्मी ने हाथ पकड़ा और पापा ने डोरी से गला घोंट दिया.