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एक करोड़ की शादी के बाद भी जारी रही दहेज की मांग, विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पति और ससुर हिरासत में

Deepika Nagar case: ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में 24 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत से दहेज हत्या और आत्महत्या के बीच विवाद गहरा गया है. परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है जबकि पुलिस आत्महत्या की आशंका पर जांच कर रही है, पति और ससुर गिरफ्तार हैं.

By: Ranjana Sharma | Published: May 18, 2026 2:09:44 PM IST



Deepika Nagar case: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 क्षेत्र स्थित जलपुरा गांव में 24 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है. यह मामला अब सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं रहा, बल्कि दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे बड़े सामाजिक मुद्दों का केंद्र बन गया है. करीब डेढ़ साल पहले धूमधाम से हुई शादी के बाद अचानक हुई इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है.

पढ़ाई में अव्वल, शांत स्वभाव की थीं दीपिका नागर

दीपिका नागर ग्रेटर नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र के कुड़ी खेड़ा गांव की रहने वाली थीं. परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, वह पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त कर चुकी थीं. ग्रामीणों का कहना है कि दीपिका शांत, समझदार और मिलनसार स्वभाव की लड़की थीं. उन्हें गांव में एक होनहार और पढ़ी-लिखी बेटी के रूप में जाना जाता था. परिवार ने उन्हें बड़े प्यार और उम्मीदों के साथ पाला था और उनकी शादी भी उज्ज्वल भविष्य के सपनों के साथ की गई थी.

शादी में भारी खर्च, लेकिन खत्म नहीं हुईं मांगें

जानकारी के मुताबिक दीपिका की शादी लगभग 14 महीने पहले जलपुरा गांव निवासी ऋतिक से हुई थी. ऋतिक के पिता मनोज प्रधान बताए जाते हैं. परिजनों का दावा है कि शादी में करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और दहेज में नकदी, सामान और उपहार भी दिए गए थे. इसके बावजूद परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई. परिजनों के मुताबिक ससुराल पक्ष की ओर से फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये की मांग की जाने लगी.

लगातार प्रताड़ना और मानसिक दबाव का आरोप

परिवार का कहना है कि मांग पूरी न होने पर दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा. वह कई बार फोन पर रोते हुए अपने दर्द को साझा करती थी, लेकिन रिश्तों और समाज के दबाव में वह चुप रहती रही. परिजनों के अनुसार, दीपिका लगातार तनाव में रहने लगी थी. हालांकि उसने कभी खुलकर विरोध नहीं किया और उम्मीद करती रही कि समय के साथ हालात बदल जाएंगे.

17 मई की रात क्या हुआ?

17 मई की रात दीपिका की मौत की सूचना सामने आई. पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, मामला दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या का प्रतीत होता है, जिसमें बताया गया कि उसने कथित तौर पर छत से छलांग लगा दी. लेकिन यह कहानी परिवार को स्वीकार नहीं है. परिजनों का आरोप है कि दीपिका की हत्या की गई है और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई. परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग दीपिका को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए. जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो दीपिका की मौत हो चुकी थी. परिजनों का दावा है कि उसके शरीर पर चोट के निशान थे, जो हत्या की आशंका को मजबूत करते हैं.

पति और ससुर गिरफ्तार

घटना की खबर फैलते ही गांव और अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग जुट गए. ग्रामीणों और रिश्तेदारों में ससुराल पक्ष के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली. परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था. ग्रामीणों का कहना है कि एक पढ़ी-लिखी और होनहार लड़की के साथ इस तरह की घटना बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है. सूचना मिलते ही थाना ईकोटेक-3 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर दहेज हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर की जा रही है.

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

DCP सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, 17 मई की रात सूचना मिली थी कि दीपिका ने दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर कथित रूप से छत से छलांग लगाई, जिससे उसकी मौत हो गई. शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई जारी है.

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