Ram Mandir Ka CEO Hain | Who is Ram Mandir CEO | who is Air Marshal Jeetendra Mishra: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव अब चर्चा में है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त करने का एलान किया है. नाम सामने आते ही सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जीतेंद्र मिश्रा कौन हैं, जिन पर राम मंदिर जैसे बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक और प्रशासनिक प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है?
खास बात यह है कि मिश्रा का करियर भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक फैला है और वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.
कौन हैं एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा?
जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया से ताल्लुक रखते हैं और भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल हैं. उन्होंने करीब 39 साल तक IAF में सेवा दी और इस दौरान कई अहम कमांड और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं. उनके लंबे सैन्य अनुभव को देखते हुए अब उन्हें अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है. उनके यूपी से कनेक्शन के लिहाज से भी यह अहम माना जा रहा है.
ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका
जीतेंद्र मिश्रा का नाम 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर से भी जुड़ा रहा है. वह इस दौरान पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे. ऑपरेशन में उनकी भूमिका के लिए उन्हें सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया गया. पश्चिमी वायु कमान भारतीय वायुसेना की बेहद महत्वपूर्ण कमानों में शामिल है. यहां की जिम्मेदारी संभालने के लिए रणनीतिक सोच, नेतृत्व क्षमता और बड़े स्तर पर ऑपरेशनल फैसले लेने का अनुभव जरूर होता है.
राम मंदिर ट्रस्ट में क्या होगी मिश्रा की जीतेंद्र जिम्मेदारी?
राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में मंदिर से जुड़े प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, व्यवस्थाओं और बड़े स्तर के संचालन को व्यवस्थित करना ट्रस्ट के लिए बड़ी चुनौती है. CEO के तौर पर जीतेंद्र मिश्रा के सामने सैन्य क्षेत्र में हासिल किया उनका प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव काम आ सकता है. हालांकि, उनकी सटीक जिम्मेदारियां और अधिकार ट्रस्ट की ओर से तय व्यवस्थाओं के मुताबिक होंगे.
ट्रस्ट में हुए कई बड़े बदलाव
जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है. इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं. निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी होंगी. यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले ने ट्रस्ट की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए थे. इस मामले में कई आरोपी जेल में है.