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Gonda neem tree dispute: ग्राम सभा की जमीन पर नीम के पेड़ को लेकर विवाद, कटान पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

Gonda neem tree dispute: गोंडा के चंगेरिया गांव में ग्राम सभा की जमीन पर स्थित नीम के पेड़ को लेकर विवाद खड़ा हो गया. ग्रामीणों ने अवैध कब्जा और पेड़ काटने के प्रयास का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कटान रुकवाया, जबकि ग्रामीणों ने वहां काली माता की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है.

By: Ranjana Sharma | Last Updated: May 5, 2026 5:32:03 PM IST



Gonda neem tree dispute: गोंडा जिले के करनैलगंज तहसील क्षेत्र के चंगेरिया ग्राम सभा में एक प्राचीन नीम के पेड़ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा और पेड़ काटने की कोशिश का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई.

ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ही कुछ लोगों ने ग्राम सभा की जमीन पर कंटीले तार लगाकर अवैध कब्जा कर लिया था, जिससे विवाद की शुरुआत हुई. बताया जा रहा है कि यह नीम का पेड़ काली माता से जुड़ा हुआ था और ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता था.

आंधी-तूफान में गिरा पेड़, फिर शुरू हुआ विवाद

तेज आंधी-तूफान और बारिश के दौरान यह पेड़ गिर गया, जिसके बाद कुछ लोगों द्वारा उसे काटने का प्रयास किया गया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पेड़ गिरने के बाद कुछ लोग उसे अवैध रूप से काटकर हटाने की कोशिश कर रहे थे. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पेड़ के कटान को रुकवा दिया, जिससे स्थिति नियंत्रित हुई.

ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन

इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों ने मांग की है कि जिस स्थान पर पेड़ था, वहां काली माता की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए. ग्रामीणों का कहना है कि गिरे हुए पेड़ और जमीन पर ग्राम सभा का अधिकार है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं.
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