Varanasi Flood Alert: दक्षिण पश्चिम मॉनसून 2026 (Southwest Monsoon 2026) के फिर से एक्टिव होने से उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में कहीं मध्यम स्तर तो कहीं पर तेज बारिश हो रही है. उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों का बुरा हाल है. उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी के रूप में मशहूर वाराणसी में भारी बारिश से लोगों का हाल बेहाल है. वाराणसी के कई इलाकों में तेज बारिश के चलते दुकानों और घरों तक में पानी घुस चुका है. यहां तककि देश-दुनिया में मशहूर काशी का मणिकर्णिका घाट भी डूब चुका है. हालात यह हो गए हैं कि इसकी छत पर शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है. सूत्रों के मुताबिक, पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद गंगा में आए पानी से आबादी भी प्रभावित हुई है. आबादी में पानी भरन से गलियों में नावें चल रहीं. 10 हजार घरों पर खतरा मंडरा रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में भारी बारिश के चलते गंगा का जलस्तर चेतावनी के स्तर को भी पार कर गया है. बताया जा रहा है कि इसके कारण फिलहाल काशी में 84 घाट जलमग्न हैं, जिनमें मणिकर्णिका घाट भी शामिल है. वरुणा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है. ऐसे में वरुण क्षेत्र में रहने वाले करीब 10,000 परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिल रही हैं, क्योंकि उन्हें अपना घर छोड़कर कहीं सुरक्षित स्थान पर जाना है. फिलहाल सरैया, नक्खी घाट, शैलपुत्री, शलारपुर, वरुणा क्षेत्र के डेंजर जोन में आने वाले करीह 30,000 घरों में बाढ़ का पानी आ गया है और हालात को देखते हुए लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है.
80 घाट पर लोगों ने खड़ी की दीवार
बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण अस्सी घाट के करीब रहने वाले दुकानदारों ने भी कमर कस ली है. यहां रहने वाले दुकानदार अपनी दुकानों के दरवाजे पर दीवार खड़ी कर रहे हैं, जिससे बारिश पानी उनकी दुकान में ना आए. दुकानदारों को अपने नुकसान का खतरा नजर आ रहा है. गंगा का जलस्तर बढ़ने से आसपास की सभी दुकानें बंद हो गई हैं. वहीं, वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी शुरू कर दी है.
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