Home > उत्तर प्रदेश > योगी बाबा का बच्चों को समर गिफ्ट! छुट्टियों में ननिहाल-ददिहाल, ट्रिप पर ले जाने की अपील, चिट्ठी पढ़कर झूम उठे बच्चे

योगी बाबा का बच्चों को समर गिफ्ट! छुट्टियों में ननिहाल-ददिहाल, ट्रिप पर ले जाने की अपील, चिट्ठी पढ़कर झूम उठे बच्चे

यूपी के स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई है. मौके पर योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसी अपील की है कि बच्चे खुशी से झूम उठेंगे. आप भी जानिए क्या है योगी जी का बच्चो, युवाओं और माता-पिता के नाम संदेश.

By: Kajal Jain | Published: May 26, 2026 11:45:27 AM IST



उत्तर प्रदेश में गर्मियों की छुट्टियों का आगाज हो चुका है. इस मौके पर बच्चों को स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से हटके मौज-मस्ती का समय मिलेगा. इसी अवसर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यवनाथ ने बच्चों और अभिभावकों के नाम चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में माता-पिता से बच्चों के लिए बेहद दिलचस्प अपील की गई है. इसमें बच्चों के फेवरेट योगी आदित्यनाथ ने लिखा है कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को ददिहाल और ननिहाल अवश्य ले जाएं और कुछ समय परिवार के साथ बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कार और परंपराओं से जुड़ सकें.

बच्चों को नए स्किल्स सिखाएं

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिशियल X अकाउंट पर ‘योगी की पाती’ टाइटल के साथ चिट्ठी पोस्ट हुई है, जिसमें लिखा है कि 

मेरे प्यारे बच्चों, 
गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं. स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से थोडी राहत मिलते ही मन कुछ और सीखने, नए स्थान देखने और अपनों के साथ समय बिताने को उत्सुक हो उठता है. यही अवसर है, जब आप अपनी रुचियों को पहचानें, नई आदतें विकसित करें एंव जीवन के ऐसे अनुभव प्राप्त करें, जो आगे चलकर आपके संपूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक हो.

युवाओं के लिए सलाह

अपनी चिट्ठी में सीएम योगी लिखते हैं कि किशोर एंव युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं. यह समय अच्छी पुस्तकों से मित्रता, फोटोग्राफी, चित्रकारी, पाक कला, संगीत एंव बागवानी जैसे रुचियों को पूरा करने का हो सकता है.

माता-पिता से अपील

अपनी चिट्ठी में एक विशेष अपील बच्चों के माता-पिता से की गई है. इसमें लिखा है कि प्रिय अभिभावकों, कुछ बातें मैं आपसे भी साझा करना चाहता हूं. हममें अधिकतर लोगों ने बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी से कहानियां सुनी होंगी. आज बच्चे इन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं. मेरा अपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं. उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने सस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें.

बच्चों को प्रकृति से जोड़े

देश के भविष्य को प्रकृति से जोड़ने के लिए सीएम योगी ने लिखा है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास करें. उनके साथ पौधे लगाएं. उनकी देखभाल का दायित्व उन्हें दें तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करें. जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं, तबी उनके अंदर पर्यावरण के प्रति संवेदवशीलता विकसित होती है. याद रखिए, जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती है, वही सबसे अधिक फलदायी एवं दीर्घजीवी होता है. हमारी संस्कृति और संस्कार वैसी ही जडे़ं हैं.

घूमने-फिरने जाएं

अपने चिट्ठी में योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को भ्रमण कराने की अपील की है. उन्होंने लिखा है कि घूमना-फिरना जीवन को समझने का माध्यम है. बच्चों को ऐसे स्थानों पर ले जाएं, जहां वे प्रकृति एवं जैव विविधता का अनुभव करें. दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच तथा कतर्निया घाट वन्यजील विहार जैसे स्थल प्रकृति की अपार सुंदरता से परिचित कराते हैं और यात्रा को चिर-स्मरणीय बना देते हैं. 

क्यों आवश्यक है घूमना-फिरना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को घुमाने-फिराने की वजह का भी उल्लेख किया और लिखा है कि हम इन छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ पाए तो यह समय उनके जीवन की अमूल्य पूंजी बन जाएगी. योगी आदित्यनाथ आगे लिखते हैं कि यात्रा हो या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें. प्लास्टिक कचरा इधक-उधर न फैलाएं और इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लें. बच्चों को स्वस्थ और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने का संदेश दें. आपके यही छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं.

ये भी पढ़ें:- हमें नहीं, अपनी खुशी से बेटी को दीजिए… मंशा के पीछे हर दिन बलि चढ़ रहीं 16 ट्विशा-दीपिका, NCRB के डेटा से चौंकाने वाला खुलासा!

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Advertisement